कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने अगले तीन साल के दौरान हथकरघा उत्पादों का उत्पादन और निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले सात साल के दौरान हथकरघा उद्योग ने उल्लेखनीय प्रगति की है और देश में इस उद्योग को प्रोत्साहित करने और इसे बढ़ाने के कदम उठाए जाने चाहिए।
पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में सातवें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आज एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हथकरघा उद्योग की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए जिससे यह उद्योग मौजूदा 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर अगले तीन साल में एक लाख 25 हजार करोड़ के स्तर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि हथकरघा उत्पादों का निर्यात भी बढ़ाने की ज़रूरत है। इसे मौजूदा दो हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर अगले तीन साल में दस हजार करोड़ रुपये किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, माई हैंडलूम और माई प्राइड अभियान की सराहना करते हुए कहा कि हथकरघा उद्योग ने स्वदेशी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हथकरघा उद्योग का उत्पादन दोगुना करने के लिए नई विपणन नीति अपनाई जानी चाहिए।
पीयूष गोयल ने स्वदेशी आंदोलन हथकरघा उद्योग बहुत नज़दीक से इतिहास से जुड़ा है और यह 1905 से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अगले वर्ष स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा। हथकरघा उद्योग की आत्मनिर्भर भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कपड़ा राज्य मंत्री दर्शना जर्दोश ने कहा कि लोकल फॉर वोकल अभियान के तहत स्थानीय शिल्पकारों को बढ़ावा देना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हथकरघा उद्योग में महिलाओं की महत्वपूर्ण भमिका है और इनकी भागाीदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।