ऑस्‍ट्रेलियाई संसद ने भारत तथा ऑस्‍ट्रेलिया के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौते को स्‍वीकृति दे दी

ऑस्‍ट्रेलियाई संसद ने भारत तथा ऑस्‍ट्रेलिया के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौते को स्‍वीकृति दे दी

ऑस्‍ट्रेलियाई संसद ने भारत तथा ऑस्‍ट्रेलिया के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौते को स्‍वीकृति दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को स्‍वीकृति देने पर ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्‍बनीज को धन्‍यवाद दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-ऑस्‍ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्‍यापार समझौते की स्‍वीकृति को भारत तथा ऑस्‍ट्रेलिया के व्‍यापारिक समुदाय स्‍वागत करेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह समझौता भारत-ऑस्‍ट्रेलिया की व्‍यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बनाएगा।

वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह कदम विश्‍व में भारत की बढ़ती साख की स्वीकृति है। उन्‍होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग, विद्यार्थी और बहुत से श्रम आधारित क्षेत्र इस ऐतिहासिक समझौते से लाभान्वित होंगे। उन्‍होंने कहा कि इस समझौते के वार्ताकारों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दिशा-निर्देश फलदायी रहा है।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय व्‍यापार के सभी क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा।

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ-फिक्की ने कहा कि इस समझौते से खनन और खनिज, औषधि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, परिवहन, रत्न और आभूषण, पर्यटन और वस्त्र जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अवसर खुलेंगे और लगभग दस लाख नौकरियां सृजित होंगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल-एसोचैम ने कहा कि इस समझौता निर्यातकों को व्यापक अवसर प्रदान करेगा। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ ने कहा कि माल के निर्यात और सेवाओं के लिए आर्थिक सहयोग और व्‍यापार समझौते से कई अवसर खुलेंगे।

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