एमएच 60आर ‘सीहॉक’ हेलीकॉप्टर को INAS 334 स्क्वाड्रन के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा

एमएच 60आर ‘सीहॉक’ हेलीकॉप्टर को INAS 334 स्क्वाड्रन के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा

भारतीय नौसेना अभी हाल में ही नए शामिल किए गए एमएच 60आर सीहॉक (ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का एक समुद्री संस्करण) बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर को 06 मार्च 2024 को आईएनएस गरुड़, कोच्चि में कमीशन करेगी, जो भारत की रक्षा आधुनिकीकरण यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण है। सीहॉक्स स्क्वाड्रन को आईएनएएस 334 के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। ये हेलीकॉप्टर फरवरी 2020 में अमरीका के साथ हस्ताक्षरित 24-विमान एफएमएस अनुबंध का एक हिस्सा हैं।

सीहॉक्स के शामिल होने से भारतीय नौसेना अपनी समुद्री ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुभव करने को तैयार है। हेलीकॉप्टर को पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू), सतह पर होने वाले संघर्ष (एएसयूडब्लू), खोज एवं बचाव (एसएआर), चिकित्सा व निकासी (मेडीवैक) और वर्टिकल रिप्लेनिशमेंट (वर्टरेप) के लिए तैयार किया गया है। इस हेलीकॉप्टर का भारतीय संदर्भ वातावरण (आईआरए) स्थितियों में कड़ाई से परीक्षण किया गया है और यह बेड़े में पूरी तरह से एकीकृत हो रहे हैं। उन्नत हथियार, सेंसर और एवियोनिक्स सूट सीहॉक हेलीकॉप्टर को भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं, जो पारंपरिक एवं असंयमित दोनों तरह खतरों से निपटने के लिए उन्नत क्षमताएं प्रदान करते हैं।

एमएच 60आर हेलीकॉप्टर भारत की समुद्री क्षमताओं को बढ़ावा देंगे, नौसेना की परिचालन पहुंच का विस्तार करेंगे और रक्षा स्पेक्ट्रम तथा विशाल समुद्री डोमेन में निरंतर नौसैन्य संचालन का सहयोग करेंगे। हिंद प्रशांत क्षेत्र में सीहॉक की तैनाती भारतीय नौसेना की समुद्री उपस्थिति को सशक्त करेगी, संभावित खतरों को दूर करेगी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेगी।

सीहॉक हेलीकॉप्टर की नियुक्ति समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना के दृढ़ समर्पण को उजागर करती है, जो इस क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास सुनिश्चित करने के भारत सरकार के दूरदर्शी लक्ष्य के साथ सहजता से जुड़ती है।

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