उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में आन्दोलन कर रहे किसानों और स्थानीय प्रशासन के बीच बैठक सम्पन्न हो गई है। बैठक में हुए समझौते के अनुसार कल की हिंसक घटना की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जायेगी। इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई है। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 45-45 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को 10-10 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की है। मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जायेगी।
इस बीच, कल की हिंसा के सिलसिले में लखीमपुर जिले के तिकुनिका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। प्राथमिकी में सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा का नाम भी शामिल है।
रेलवे ने एहतियात के तौर पर लखीमपुर जिले से गुजरने वाली तीन रेलगाडि़यों को रद्द कर दिया है। लखीमपुर खीरी का दौरा करने वाले कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिनमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, चंद्रशेखर और अन्य कई नेता शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के लोगों से शांति बनाए रखने, घर पर रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने लोगों से कहा है कि वे इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचें। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।