उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्‍यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान अंतिम चरण में

उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्‍यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान अंतिम चरण में है। घटना स्थल पर स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीमें तैयार हैं। आपातकालीन स्थिति में श्रमिकों को हवाई मार्ग से ऋषिकेश के एम्स पहुंचाया जा सकता है।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिलक्‍यारा सुरंग में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। वहीं, केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वी.के सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना स्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्‍यमंत्री धामी ने कहा श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं।

45 मीटर पाइप जा चुका है और रेस्क्यू अब अंतिम चरण में है कुछ बाधांए आ रही है। हम जल्दी से जल्दी वह पूरा हो और जल्दी से जल्दी हमारे सभी श्रमिक भाई सकुशल बाहर आए यहां पर उनके बाहर निकालने के लिए सारे इंतजाम किए गए हैं। एंबुलेंस तैयार है, अस्पताल भी पूरी तरह से उनके इलाज के लिए और जो भी चेकअप वगैरा होने हैं वह सब हम लोग कर रहे हैं माननीय प्रधानमंत्री जी प्रत्येक दिन इसका अपडेट लेते हैं।

राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक अतुल करवाल ने बताया कि बचाव कार्यों में यदि किसी प्रकार की अड़चन नहीं आती तो श्रमिकों के आज ही बाहर निकलने की उम्मीद है।

12 नवम्बर को सिलक्‍यारा सुरंग के एक हिस्से में भूस्खलन होने के कारण ये 41 श्रमिक सुरंग के भीतर फंसे हैं।

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