वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट अखबारों की बड़ी खबर है। जनसत्ता की सुर्खी है- लोकलुभावन वादों से परहेज, तीन गलियारे और 40 हजार डिब्बे, आवासीय योजना के जरिये बड़़े वर्ग को आकर्षित करने के लिए किफायती मकान की घोषणा की गई। हिन्दुस्तान का शीर्षक है- खुद पर भरोसे का बजट, वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने लोकलुभावन घोषणाएं नहीं कीं, 10 वर्षों की उपलब्धियां गिनायीं। हरिभूमि की टिप्पणी है- सीता का राम-राम, तीन करोड़ महिलाएं बनेंगी लखपति, टैक्स छेड़ा नहीं, भरोसा तोड़ा नहीं, आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगी गति।
दैनिक भास्कर का कहना है- मतदाता हो या करदाता सबको कल का वायदा। इंफ्रा बजट 11 प्रतिशत बढ़ाया, सूर्योदय योजना – छत पर सौर ऊर्जा के जरिये एक करोड़ घरों को हर महीने तीन सौ यूनिट फ्री बिजली। नवभारत टाइम्स का कहना है- 25 हजार रुपये तक के बकाया नोटिस होंगे वापस, एक करोड़ करदाताओं को होगा फायदा। राजस्थान पत्रिका लिखता है- अब शुरू होगा सुधार का अगला चरण, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर आगे बढ़ेगी सरकार। पत्र ने रेल मंत्री के हवाले से लिखा है- रेलवे के अमृत चतुर्भुज से समाप्त होगा वेटिंग का झंझट, 40 हजार किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने की योजना। दैनिक जागरण का कहना है- जुलाई में पेश होगा अमृतकाल का रोडमैप, यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन पर श्वेतपत्र लाने की घोषणा।
झारखंड की राजनीति पर जनसत्ता की सुर्खी है- हेमंत सोरेन को एक दिन की जेल, चंपई सोरेन को मिला न्योता। विधानसभा में 10 दिन में विश्वासमत साबित करना होगा।