आज का अखबार 18 अक्टूबर 2022, सुर्खियों में खबरें

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का किसान सम्‍मान सम्‍मेलन में यह कहना कि भारत का आत्‍मनिर्भर होना जरूरी- राष्‍ट्रीय सहारा की पहली ख़बर है। पत्र आगे लिखता है कि – अतीत में बिचौलिए उठाते थे योजनाओं का लाभ। हिन्‍दुस्‍तान की सुर्खी है दिवाली से पहले किसानों को सम्‍मान निधि मिली।

दैनिक जागरण की पहली ख़बर है- समृद्धि की ओर बढ़ते कदम। 41 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से बाहर। पत्र के अनुसार- यू.एन. की रिपोर्ट में लिखा गया है- कि पिछले डेढ़ दशक में सरकारों के प्रयास का सकारात्‍मक प्रभाव रहा।

जनसत्‍ता ने कानून मंत्री किरेन रिजिजु के इस वक्‍तव्‍य को दिया है कि न्‍यायपालिका अपने लिए निगरानी तंत्र बनाए, क्‍योंकि वो भी लोकतंत्र का हिस्‍सा है।

आबकारी नीति मामले में दिल्‍ली के उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया से सी.बी.आई. की पूछताछ हिन्‍दुस्‍तान सहित सभी अख़बारों में है।

कांग्रेस अध्‍यक्ष पर फैसला पेटी में बंद, नवभारत टाइम्‍स की पहली ख़बर है। पत्र आगे लिखता है- सोनिया का उत्‍तराधिकारी कौन कल पता लग जाएगा।

कुछ बच्‍चों के लिए घातक है वीडियो गेम, शीर्षक से जनसत्‍ता ने लिखा है- कि अति संवेदनशील बच्‍चों में पैदा होती है गम्‍भीर और अनियमित दिल की धड़कन की समस्‍या। पत्र लिखता है कि बच्‍चे गेम जीतने या हारने के कारण उत्‍तेजित अवस्‍था में पहुंच जाते है या साथी खिलाड़ी के साथ वाद-विवाद करते हैं, जो एक गम्‍भीर समस्‍या है।

अगले महीने शर्म-अल-शेख में होने वाली जलवायु वार्ता कॉप 27 में जलवायु क्षतिपूर्ति की भरपाई का मुद्दा उठेगा- हिन्‍दुस्‍तान की ख़बर है। पत्र ने एक रिपोर्ट के हवाले से लिखा है- कि दुनिया की 43 प्रतिशत आबादी जलवायु खतरों से जूझ रही है।

फिजी अगले साल विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन की करेगा मेजबानी, राष्‍ट्रीय सहारा की ख़बर है। पत्र के अनुसार दुनियाभर के एक हजार से अधिक प्रतिनिधि इसमे भाग लेंगे।

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