अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन ने घोषणा की है किे अमेरिकी सेना इस साल के अंत तक इराक से चली जाएगी, हालांकि वह इराक की सेना को प्रशिक्षण और परामर्श देती रहेगी। जो बाइडन और इराक के प्रधानमंत्री मुस्तफा अल काधिमी के बीच कल व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद अमेरिकी सेना के मिशन की समाप्ति की घोषणा की गई।
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि वे इराक में लोकतंत्र की मजबूती का समर्थन करते हैं और निश्चित करना चाहते हैं कि अक्तूबर में चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हो। उन्होंने कहा कि दोनों देश सुरक्षा सहयोग और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ साझा संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध हैं। जो बाइडन ने इराक के प्रधानमंत्री से कहा कि हम नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं लेकिन आतंकवाद के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इराक में किसी विदेशी लड़ाकू सेना की आवश्यकता नहीं है।
इराक में इस समय अमेरिका के ढाई हजार सैनिक हैं। अमेरिका की अगुवाई में सुरक्षाबलों ने इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का तख्ता पलटने और सामूहिक विनाश के हथियारों को समाप्त करने के लिए वर्ष 2003 में इराक पर हमला किया था। हालांकि अमेरिकी लड़ाकू सेना 2011 में चली गई थी लेकिन इस्लामिक स्टेट आतंकी गुट द्वारा इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा करने के कारण तीन साल बाद इराक सरकार के अनुरोध पर अमरीकी सेना वापस आ गई थी।