अफगानिस्तान के मामलों में पाकिस्तान के दखल देने के विरोध में आज काबुल में सैकड़ों अफगान नागरिक सड़कों पर उतर आए। विभिन्न समाचार एजेंसियों से मिली खबरों के अनुसार तालिबान ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं। समाचार एजेंसी टोलो की रिपोर्ट के अनुसार विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे कुछ पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है।
तालिबान ने अभी तक सरकार के गठन की घोषणा नहीं की है, लेकिन एक तालिबान नेता मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद का नाम अफगानिस्तान के प्रधानमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आ रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि तालिबान के सभी गुट इस पर सहमत हो सकते हैं। हसन अखुंद संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की निगरानी सूची में है।
तालिबान के कई सशस्त्र गुटों के बीच मतभेद की वज़ह से अफगानिस्तान में सरकार के गठन में बाधा आ रही है। सत्ता के मुख्य दावेदारों में मुल्ला बरादर के नेतृत्व वाली तालिबान की दोहा इकाई, पूर्वी अफगानिस्तान में सक्रिय हक्कानी नेटवर्क और तालिबान का कंधार गुट शामिल है।