अदाणी समूह के मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्रवाई दिनभर के लिए स्थगित हो गई है। आज सुबह जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी दल मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग करने लगे। कांग्रेस, डीएमके और अन्य दलों के सदस्य अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सदन के बीचों बीच आ गए। तृणमूल कांग्रेस, जेडीयू, शिवसेना (उद्धव गुट) और अन्य विपक्षी सदस्य भी हंगामा करने लगे। हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन बहस और चर्चा के लिए है और कार्यवाही को पूर्व नियोजित तरीके से रोकना उचित नहीं है। ओम बिड़ला ने कहा कि वह हर सदस्य की बात सुनने को तैयार हैं और सदन की कार्यवाही बाधित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन में नारेबाजी करना देश के लोगों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने सदस्यों से सदन को चलने देने का बार-बार आग्रह किया। हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
राज्यसभा में भी आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सभापति जगदीप धनखड़ ने अदाणी समूह के मुद्दे पर विपक्षी दलों के स्थगन नोटिस को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव गुट), वामपंथी और अन्य विपक्षी सदस्यों ने शोर मचाया। जगदीप धनखड़ ने सदस्यों से सदन की निर्धारित कार्यवाही चलने देने की अपील की। लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।