सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नारायण राणे ने कहा है कि एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देकर भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमएसएमई उद्योगों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया जाना चाहिए।
अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर नारायण राणे ने आज नई दिल्ली में उद्यमी भारत-एमएसएमई दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश का एमएसएमई क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में 30 प्रतिशत और निर्यात में लगभग 50 प्रतिशत योगदान करता है। उन्होंने एमएसएमई की वृद्धि और विकास के लिए विभिन्न पहलों की भी शुरुआत की। इनमें चैंपियंस 2.0 पोर्टल, महिला उद्यमियों के लिए एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 3.0 और क्लस्टर परियोजनाओं तथा प्रौद्योगिकी केंद्रों की जियो-टैगिंग के लिए एक मोबाइल ऐप शामिल है। एमएसएमई मंत्रालय, जीईएम, त्रिपुरा सरकार और सिडबी के बीच विभिन्न समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। चैंपियन पोर्टल एमएसएमई की शिकायतों के त्वरित, सुविधाजनक और प्रभावी निवारण के लिए एक मंच है। यह वित्त, विपणन, प्रौद्योगिकी, कच्चे माल, श्रम, बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में मार्गदर्शन और परामर्श सेवाएं भी प्रदान करता है।