संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के वैश्विक प्रमुख अचिम स्टेनर ने आज केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास, पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात की और यूएनडीपी के साथ साझेदारी को मजबूत और विस्तृत करने तथा उत्तर पूर्वी क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया।
किशन रेड्डी ने अचिम स्टेनर के नेतृत्व में यूएनडीपी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और डोनर मंत्रालय और यूएनडीपी के बीच निरंतर साझेदारी की सराहना की। मंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डोनर मंत्रालय इस क्षेत्र में पहले कार्य करने और तेजी से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे यह क्षेत्र देश के अन्य क्षेत्रों के साथ विकास में समानता प्राप्त कर सके। डेटा-संचालित निर्णय क्षमता को बढ़ावा देने में यूएनडीपी द्वारा प्रदान की गई सहायता बहुत मददगार रही है, जिसमें पहला उत्तर पूर्व क्षेत्र जिला एसडीजी सूचकांक भी शामिल है। हमारा मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस क्षेत्र के सभी जिलों में एसडीजी प्राप्त किया जाए।”
बैठक के दौरान, अचिम स्टेनर ने उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास में तेजी लाने की दिशा में भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “यूएनडीपी एसडीजी के स्थानीयकरण को तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए एसडीजी की प्राप्ति के राष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने और विकास कार्यक्रमों का बेहतर कार्यान्वयन एवं निगरानी करने हेतु क्षमता विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने यह भी कहा कि डोनर मंत्रालय और यूएनडीपी को विकसित प्रौद्योगिकी और अभिनव समाधानों के माध्यम से रोजगार और चिरस्थायी आजीविका के अवसरों तक पहुंच प्रदान करते हुए समुदायिक जीवन और आजीविका को बेहतर बनाने की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए।
अचिम स्टेनर और जी. किशन रेड्डी ने साझेदारी के क्षेत्र का विस्तार करने के लिए एक समझौता ज्ञापन की दिशा में काम करने पर भी सहमति व्यक्त किया, जिससे उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी लाया जा सके और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में त्वरित प्रगति प्राप्त की जा सके।