शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन जन केन्द्रित हैं। कोविड महामारी के दौरान एक सौ स्मार्ट शहरों में से 50 से अधिक शहरों में काम कर रहे एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्रों ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और शहरी प्रशासन को वायरस के फैलने के बारे में समय पर सही सूचनाएं देकर राहत और पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एक लेख में हरदीप सिंह पुरी ने लिखा कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तीन महत्वाकांक्षी मिशन- प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, कायाकल्प और शहरी बदलाव अटल मिशन- अमृत और र्स्माट सिटी मिशन के आज छह वर्ष पूरे हो गये हैं।
25 जून 2015 को यह मिशन शुरू किये गये थे। हरदीप सिंह पुरी ने लेख के माध्यम से यह भी जानकारी दी है कि यूपीए शासनकाल में 2004 से 2014 की दस वर्ष की अवधि में शहरी क्षेत्र में कुल एक लाख 57 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जबकि एनडीए के सात वर्ष के शासनकाल में 11 लाख 83 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत बनाये जाने वाले महिला या संयुक्त स्वामित्व वाले आवासों में शौचालय अनिवार्य हैं। यह सुविधा देकर महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला और बालिकाओं की गरिमा सुरक्षित हुई।
ग्रांट थॉर्नटन भारत अफोर्डेबल हाउसिंग इंडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से एक करोड़ 20 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए।
इससे पहले, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए घर केवल चार दीवारों और एक छत तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि उन घरों में गैस कनेक्शन, सेप्टिक टैंक के साथ उचित सीवेज जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं दी हैं।
दुर्गा शंक मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में एक करोड़ 12 लाख से अधिक आवासों की स्वीकृति दी गई है और इनमें से 48 लाख 50 हजार से अधिक आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
