मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram इन दिनों भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई यूजर्स ने शिकायत की है कि Telegram ऐप काम नहीं कर रहा है और चैनल व ग्रुप्स तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसके बाद सोशल मीडिया पर “Telegram Ban”, “Telegram Not Working in India” और “Is Telegram Banned in India” जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड करने लगे।
क्या भारत में Telegram बैन हो गया है?
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत सरकार ने Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लागू रहने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्रों और परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी को रोकने के लिए उठाया गया है।
क्यों नहीं चल रहा Telegram?
कई भारतीय यूजर्स Telegram ऐप खोलने, मैसेज भेजने और चैनलों तक पहुंचने में दिक्कत का सामना कर रहे हैं। इसका कारण कोई तकनीकी खराबी नहीं बल्कि सरकार द्वारा लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध बताया जा रहा है। यह फैसला राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सिफारिश के बाद लिया गया।
NEET 2026 विवाद से जुड़ा मामला
NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि कुछ समूह Telegram का इस्तेमाल छात्रों को फर्जी या लीक प्रश्नपत्र बेचने और गलत जानकारी फैलाने के लिए कर रहे थे। इसी वजह से सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
Telegram के संस्थापक Pavel Durov की प्रतिक्रिया
Telegram के संस्थापक Pavel Durov ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण करोड़ों सामान्य यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि गलत काम करने वाले लोग दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी जा सकते हैं और केवल Telegram को ब्लॉक करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी।
कब तक रहेगा प्रतिबंध?
मौजूदा रिपोर्ट्स के मुताबिक Telegram पर लगाया गया प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लागू रह सकता है। इसके अलावा Telegram के कुछ फीचर्स, जैसे मैसेज एडिटिंग, पर भी अस्थायी रोक लगाने की जानकारी सामने आई है।
यूजर्स के बीच बढ़ी चिंता
Telegram भारत में करोड़ों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। शिक्षा, बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग और कंटेंट शेयरिंग से जुड़े कई लोग इस प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं। ऐसे में अस्थायी प्रतिबंध के कारण बड़ी संख्या में यूजर्स प्रभावित हुए हैं।
निष्कर्ष
Telegram फिलहाल भारत में एक बड़े विवाद का हिस्सा बना हुआ है। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जबकि Telegram प्रबंधन इसे सामान्य यूजर्स के लिए नुकसानदायक बता रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि 22 जून के बाद Telegram सेवाएं सामान्य रूप से बहाल होती हैं या नहीं।
