एमएसएमई मंत्रालय के भुवनेश्वर, जमशेदपुर एवं कोलकाता स्थित प्रौद्योगिकी केंद्र अब एएमटीजेड, विशाखापट्टनम के लिए रियल टाइम गुणात्मक माइक्रो पीसीआर प्रणाली के महत्वपूर्ण हिस्सों का विनिर्माण कर रहे हैं।
यह मशीन एक घंटे से भी कम समय (सामान्य जांच परिणाम न्यूनतम 24 घंटे लेता है) में कोविड-19 जांच परिणाम दे सकती है और इसकी डिजाइन एक निजी एमएसएमई उपक्रम द्वारा तैयार की गई है। ये मशीनें सुसम्बद्ध हैं और कहीं भी, किसी भी वक्त, रियल टाइम में जांच के लिए ले जाई जा सकती हैं। प्रौद्योगिकी केंद्रों की टीमें 600 टेस्टिंग मशीनों के लिए कंपोनेंट की आपूर्ति करने के लिए 2/3 शिफ्ट में काम कर रही हैं। एएमटीजेड को पहले ही टेस्टिंग मशीन कंपोनेंट की आपूर्ति की जा चुकी है। 5 माइक्रोन की सटीकता वाले स्टेनलेस स्टील के कंपोनेंट का विश्व की सर्वश्रेष्ठ मशीनों पर विनिर्माण किया जा रहा है।
यह कोरोना जांच उपकरण किफायती लागत पर जांच किए जाने में सहायक होगा। मशीन का विनिर्माण एमएसएमई मंत्रालय के भुवनेश्वर, जमशेदपुर एवं कोलकाता स्थित प्रौद्योगिकी केंद्रों के सक्रिय गठबंधन एवं सहायता से संभव हो सका।
एमएसएमई मंत्रालय द्वारा स्थापित प्रौद्योगिकी केंद्र प्रति वर्ष 2 लाख से अधिक युवाओं और उद्योग श्रम बल को व्यावहारिक कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये 18 विद्यमान प्रौद्योगिकी केंद्र टूल्स की डिजाइन एवं विनिर्माण, प्रेसीजन कंपोनेंट्स, मोल्ड एवं डाइज, फोर्जिंग एवं फाउंड्री, इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल मेजरिंग इंस्ट्रूमेंट्स, फ्रैगरेंस एवं फ्लेवर, ग्लास, फुटवियर एवं स्पोट्र्स गुड्स आदि के जरिये उद्योगों को प्रौद्योगिकीय सहायता प्रदान करते हैं। इनमें से कुछ प्रौद्योगिकी केंद्रों ने जटिल टूल्स, पाट्र्स एवं कंपोनेंट्स के लिए एमएसएमई को डिजाइन, विकास एवं विनिर्माण सहायता देने के अतिरिक्त रक्षा एवं एयरोस्पेस जैसे रणनीतिक क्षेत्रों की भी उनकी अनुसंधान एवं विकास आवश्यकताओं में सहायता की है।
ये प्रौद्योगिकी केंद्र मेडिकल इक्विपमेंट, पीपीई, मास्क, सैनिटाइजर आदि के विनिर्माण में सहायता पर काम करने के द्वारा वर्तमान कोविड संकट में सक्रिय रहे हैं।
एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंदों के उद्देश्य हैं:
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश के उन सभी वैज्ञानिकों की सराहना की जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग दूसरों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने के लिए कर रहे हैं।
श्री मोदी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर ट्वीट कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर, हमारा देश उन सभी को सलाम करता है जो दूसरों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने के लिए प्रौद्योगिकी का फायदा उठा रहे हैं। हम 1998 में इस दिन अपने वैज्ञानिकों की असाधारण उपलब्धि को याद करते हैं। यह भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण था।”
11 मई 1998 को पोखरण परीक्षण का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु परीक्षण तब एक मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के कारण ही संभव थे। प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात के एक कार्यक्रम के दौरान परीक्षणों पर अपने उद्धरण को साझा किया था।
उन्होंने कहा, “1998 में पोखरण में हुए परीक्षणों ने यह साबित किया कि मजबूत राजनीतिक नेतृत्व बड़े बदलाव कर सकता है।यहाँ मैंने ‘#मन की बात’ के एक कार्यक्रम के दौरान भारत के वैज्ञानिकों और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के असाधारण नेतृत्व का उल्लेख किया था।
श्री मोदी ने आगे ट्वीट किया, “आजप्रौद्योगिकीदुनिया को कोविड-19 से मुक्त कराने के प्रयासों में अनेक लोगों की मदद कर रही है। मैं उन सभी को सलाम करता हूं जो कोरोना वायरस को पराजित करने के तरीकों पर अनुसंधान और नवीन अविष्कार करने में सबसे आगे हैं ताकि हम एक स्वस्थ्य और बेहतर ग्रह बना सकें।”
PIB
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों और ट्रकों… Read More
सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति… Read More
सरकार ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचना देने… Read More
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान असम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर,… Read More
आगामी मानसून से पहले बाढ़ के पूर्वानुमान मॉडल पर भारत और नेपाल के बीच काठमांडू… Read More
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment