खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा दिनांक 07/02/2017 को जारी ‘आधार’ अधिसूचना के अंतर्गत सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई समय-सीमा (समय-समय पर संशोधित), जिसके अंतर्गत सभी राशन कार्डों/ लाभार्थियों को आधार नंबर के साथ लिंक करना है, को विभाग द्वारा 30/09/2020 तक बढ़ा दिया गया है।
ब तक, विभाग ने सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को दिनांक 24.10.2017 और 08.11.2018 को जारी किए गए पत्रों के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी वास्तविक लाभार्थी/ परिवार को खाद्यान के कोटे की प्राप्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, या आधार नंबर नहीं रखने की स्थिति में उनके नाम/ राशन कार्ड नष्ट/ रद्द नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा, यह भी निर्देश जारी किया गया है कि एनएफएसए के अंतर्गत लाभार्थियों की बायोमेट्रिक/ आधार प्रमाणीकरण की विफलता के कारण उन्हें खाद्यान्न देने से इनकार नहीं किया जाएगा, क्योंकि लाभार्थियों की खराब बायोमेट्रिक्स, नेटवर्क/ कनेक्टिविटी/ लिंकिंग या किसी अन्य तकनीकी कारणों से समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। वर्तमान संकट की घड़ी में, एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है जिससे किसी गरीब या पात्र व्यक्ति या परिवार को खाद्यान्न की प्राप्ति से वंचित न किया जा सके। आधार को राशन कार्ड और लाभार्थियों के साथ जोड़ने से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि इस प्रकार के राशन की प्राप्ति के कोई भी पात्र व्यक्ति ऐसा लाभ उठाने से वंचित नहीं हो सकें।
केंद्र और राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के अथक प्रयासों के द्वारा, वर्तमान समय में सभी 23.5 करोड़ राशन कार्डों का लगभग 90 प्रतिशत पहले से ही राशन कार्ड धारकों के आधार नंबर (यानी परिवार के कम से कम एक सदस्य) से जुड़े हुए हैं; जबकि, सभी 80 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 85 प्रतिशत ने अपने संबंधित राशन कार्ड के साथ अपना आधार नंबर भी दर्ज करवाया हुआ है। इसके अलावा, सभी संबंधित राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश एनएफएसए के अंतर्गत शेष राशन कार्डों/ लाभार्थियों के आधार लिंक का काम पूरा करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं।
यह रेखांकित किया जाता है कि गरीब और प्रवासी लाभार्थियों के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली के एकीकृत प्रबंधन’ पर एक केंद्रीय योजना के हिस्से के रूप में “वन नेशन वन राशन कार्ड” योजना के अंतर्गत एनएफएसए राशन कार्ड धारकों के लिए राष्ट्रीय/ अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी के कार्यान्वयन की शुरुआत कर दी है।
राशन कार्ड की निर्बाध अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी लेनदेन की प्राप्ति के लिए, एनएफएसए के अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के राशन कार्डों/ लाभार्थियों के आंकड़ों को बनाए रखने के लिए एक केंद्रीकृत संग्राहक का होना आवश्यक है। इसलिए, देश में एनएफएसए के अंतर्गत प्रत्येक पात्र राशन कार्ड धारकों/ लाभार्थियों के लिए एक अनूठा रिकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में आधार संख्या को लिंक करना महत्वपूर्ण बन जाता है, जिससे उनकी पात्रता को सुरक्षित रखा जा सके।
PIB
बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी कुमार’ की लोकप्रियता बरकरार बॉलीवुड अभिनेता Akshay Kumar एक बार फिर चर्चा… Read More
एलन मस्क की संपत्ति पर दुनिया की नजर दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में से… Read More
शतरंज जगत का बड़ा नाम हैं हिकारू नाकामुरा दुनिया के सबसे लोकप्रिय और सफल शतरंज… Read More
भारतीय खेल जगत को लगा बड़ा झटका भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज, एशियाई खेलों के स्वर्ण… Read More
बिग बॉस 20 को लेकर फैंस में बढ़ा उत्साह टेलीविजन के सबसे चर्चित रियलिटी शो… Read More
पटना हाईकोर्ट पहुंचे खान सर प्रसिद्ध शिक्षक और सोशल मीडिया पर लोकप्रिय एजुकेटर Khan Sir… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment