कृषि-पारिस्थितिकी एवं प्राकृतिक खेती भारत में समावेशी आर्थिक विकास को गति दे सकते हैं

krishi jagat khabrein

नीति आयोग द्वारा 29 मई को आयोजित एक सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भारत में कृषि-पारिस्थितिकी और प्राकृतिक खेती के दृष्टिकोण को पर्याप्‍त रूप से बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन किया। वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के समक्ष अपने विचार प्रस्‍तुत करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने कहा, “प्राकृतिक खेती गोबर और मूत्र, बायोमास, गीली घास और मृदा वातन पर आधारित हमारी स्‍वदेशी प्रणाली है [. . .]। अगले पांच वर्षों में, हमारा प्राकृतिक खेती सहित जैविक खेती के किसी भी रूप में…

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