तृष्णा ना जाए मन से। -श्री कृष्ण भजन

तृष्णा ना जाए मन से। -श्री कृष्ण भजन

तृष्णा ना जाये मन से, दोहा मथुरा वृन्दावन सघन, और यमुना के तीर, धन्य धन्य माटी सुघर, धन्य कालिंदी नीर। कृष्णा बोलो कृष्णा, हरे कृष्णा राधे कृष्णा। तृष्णा ना जाये मन से, कृष्णा ना आये मन में, जतन करूँ मैं हजार, कैसे लगेगी नैया पार, घनश्याम जी, कैसे लगेगी नैया पार।। इक पल माया साथ ना छोड़े, जिधर जिधर चाहे मुझे मोड़े, हरी भक्ति से हरी पूजन से, मेरा रिश्ता नाता तोड़े, माया ना जाये मन से, भक्ति ना आये मन में, जीवन ना जाये बेकार, कैसे लगेगी नैया पार,…

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एक बार तो राधा बनकर देखो। – श्री कृष्ण भजन

एक बार तो राधा बनकर देखो।

जो मै ऐसा जानती, प्रीत करे दुख होय, नगर ढिंढोरा पीटती, प्रीत ना करिये कोई। एक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।। क्या होते है आँसु, क्या पीड़ा होती है, क्यू दर्द उठता है, क्यू आँखे रोती है, एक बार आँसु तो बहाकर, देखो सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।। जब कोई सुनेगा ना, तेरे मन के दुखडे, जब ताने सुन…

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श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी। – श्री कृष्ण भजन

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी।

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा, पितु मात स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा।। बंदी गृह के तुम अवतारी, कहीं जन्मे कहीं पले मुरारी, किसी के जाए किसी के कहाये, है अद्भुत हर बात तिहारी, गोकुल में चमके मथुरा के तारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा, श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।। अधर में बंशी ह्रदय में राधे, बट गए दोनों में आधे आधे, हे राधा नागर हे भक्त वत्सल, सदैव भक्तो के काम साधे, वहीँ गए जहाँ गए पुकारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा,…

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