वासुदेव द्वादशी का व्रत जाने-आनजाने में किए गए पापों से दिलाता है मुक्ति

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि को वासुदेव द्वादशी मनाई जाती है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की कृपा से जीवन में यश-कीर्ति और खुशहाली आती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज द्वादशी और त्रयोदशी दोनों तिथियां हैं। ऐसे में पूजा प्रात:काल करना शुभ माना जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,…

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