आर.के. सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की चौथी महासभा का उद्घाटन किया, 106 देश इस विचार-विमर्श में भाग ले रहे

आर.के. सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की चौथी महासभा का उद्घाटन किया, 106 देश इस विचार-विमर्श में भाग ले रहे

केंद्रीय ऊर्जा और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के अध्यक्ष आर.के. सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (इंटरनेशनल सोलर अलाइंस–आईएसए) की चौथी महासभा में सभी सदस्यों, हस्ताक्षरकर्ता देशों, संभावित सदस्य देशों, भागीदार संगठनों और विशेष आमंत्रित संगठनों का स्वागत किया। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से कोविड -19 महामारी के ग्रास बन चुके लोगों के लिए एक मिनट का मौन रखने का भी अनुरोध किया।

आईएसए महासभा के उद्घाटन समारोह जिसमे 106 देश चर्चा में भाग ले रहे हैं, में अपने उद्घाटन भाषण में आर.के. सिंह ने कहा कि अक्षय ऊर्जा को अपनाने की प्रक्रिया में पिछले एक दशक की शुरुआत से महत्वपूर्ण तेजी आई है। विशेष रूप से सौर ऊर्जा की सामर्थ्य और इसके ऑफ-ग्रिड समाधानों के अनुकूल होने के कारण यह टिकाऊ ऊर्जा तक सार्वभौमिक पहुंच प्राप्त करने का सबसे व्यवहार्य विकल्प है। साथ ही यह हमारे अपने ऊर्जा क्षेत्रों को तेजी से कार्बन-मुक्त (डी-कार्बोनाइज) करने के लिए सबसे व्यवहार्य विकल्प भी है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और तेजी से क्षमता में वृद्धि स्वच्छ और सस्ती सौर ऊर्जा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। भारत का वर्ष 2030 तक 450 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) तक पहुंचने का लक्ष्य है। हमारे पास 154 गीगावॉट की स्थापित गैर-जीवाश्म ऊर्जा के उत्पादन की क्षमता है और इसके अतिरिक्त 67 गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है। उन्होंने कहा कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता भारत के एनडीसी के तहत 40 प्रतिशत लक्ष्य को पार करने की राह पर है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऊर्जा तक पहुंच की समस्या का समाधान करना बहुत जरूरी है। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) विश्व भर में उन 80 करोड़ लोगों के लिए ऊर्जा तक पहुंच को सक्षम कर सकता है जो अभी तक इससे वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना वैश्विक समुदाय को एक साथ लाने, हमारे प्रयासों में तालमेल बिठाने तथा ऐसी बाधाओं को दूर करने के लिए हमारी पूरकताओं का लाभ उठाने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि आईएसए सभी को ऊर्जा उपलब्ध कराने में प्राथमिक भूमिका निभा सकता है।

आर.के. सिंह ने विश्व से एक साथ मिलकर काम करने और सौर और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके सभी को ऊर्जा उपलब्ध कराने में आईएसए को सक्षम बनाने का आह्वान किया ।

अध्यक्ष आर.के. सिंह ने इसके बाद सह-अध्यक्ष को अपना उद्घाटन भाषण देने के लिए आमंत्रित किया। तत्पश्चात आर.के. सिंह ने जलवायु परिवर्तन के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत, संयुक्त राज्य अमेरिका महामहिम जॉन केरी ने आईएसए महासभा में अपना विशेष भाषण देने के लिए आमंत्रित किया ।

सचिव जॉन केरी केरी ने वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा के लिए परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और भारत, फ्रांस और आईएसए महासभा के सदस्य देशों के नेतृत्व की सराहना कीI उन्होंने कहा “भारत को आईएसए का नेतृत्व करते देखना वास्तव में बहुत अच्छा है। भारत हमारा एक करीबी भागीदार है और संयुक्त राज्य अमेरिका वर्ष 2030 तक 450 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा तक पहुंचने के भारत के लक्ष्य का पुरजोर समर्थन करता है। हमारा मानना ​​है कि ऐसा करना बिल्कुल संभव है और किया भी जाएगा। भारत पहले ही 100 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुंचकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक उदाहरण स्थापित कर चुका है। भारत ने अपनी कम लागत वाली सौर नीलामियों और ट्रांसमिशन ग्रिड निर्माण के साथ ही बड़े पैमाने पर सौर भागों के कार्यक्रम और अन्य नवीन नीति उपकरणों के निर्माण के साथ जैसा प्रदर्शन किया है , उसे पूरी दुनिया में दोहराया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि आईएसए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है और इसके पास विश्व सबसे अधिक सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता वाले सदस्य देशों के साथ सौर के विकास में तेजी लाने का अवसर है ।

भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए और भारत को “सौर ऊर्जा के लिए एक तत्काल- उपलब्ध निवेश गंतव्य” कहते हुए सचिव जॉन केरी ने साझा किया कि भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका में सौर ऊर्जा को भेजने वाले करने वाले प्रमुख देश अक्षय ऊर्जा को समय-समय पर संतुलित करने के लिए ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता अनुभव कर रहे हैं। सौर ऊर्जा के पूर्ण मूल्य का दोहन करने के लिए सभी देशों को भंडारण के साथ-साथ ग्रिड के बुनियादी ढांचे और मांग और आपूर्ति दोनों में लचीलेपन के साथ निवेश करने की आवश्यकता होगी। और सौर ऊर्जा को अर्थव्यवस्था के उन हिस्सों से जोड़ने के ही लिए जो देश वर्तमान में बिजली का उपयोग नहीं करते हैं, उन्हें इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ईंधन में निवेश करना चाहिए और जिसे सौर ऊर्जा का उपयोग करके उत्पादित किया जा सकता है।

यूरोपीय ग्रीन डील के लिए यूरोपीय आयोग के कार्यकारी-उपाध्यक्ष फ्रैंस टिमरमैन ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) महासभा के उद्घाटन सत्र में भाग लिया और इस पहल के लिए यूरोपीय संघ के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने यूरोपीय संघ द्वारा वित्त पोषित लगभग 10 लाख यूरो की एक परियोजना के आसन्न प्राम्भ की भी घोषणा की जिसका उद्देश्य यूरोपीय संघ, यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों और यूरोपीय संघ के अकादमिक, व्यापार और वित्तीय समुदायों को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के साथ जुड़ाव को और मजबूत करना है।

Related posts

Leave a Comment