एक संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना -पीएमयूवाई के लाभार्थियों को प्रति वर्ष रसोई गैस पर दी जाने वाली सबसिडी कम से कम 4 एलपीजी सिलेंडरों तक बढ़ा दी जाये। समिति का कहना है कि अगर इस आशय का निर्णय किया जाता है तो समाज के गरीबों पर वित्तीय बोझ कम होगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से सम्बद्ध स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा सदस्य रमेश बिधुड़ी द्वारा संसद में मंत्रालय के लिए अनुदान मांग पेश करते हुए यह सुझाव दिया। समिति को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ सुदूर क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को छोड़कर अन्य उपभोक्ताओं को मई 2020 से रसोई गैस सिलेंडरों पर सबसिडी नहीं मिली है। रसोई गैस को बन्दरगाह से बॉटलिंग संयंत्रों तक ले जाने पर आने वाले खर्च के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
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