नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉ वी के पॉल ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है और लोगों को इस घातक बीमारी से बचाव के उपाय कम नहीं करने चाहिए। उन्होंने लोगों से टीकाकरण कराने का अनुरोध किया और कहा कि कोविड मानकों का कडाई से पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने नई दिल्ली में आज संवाददाताओं से कहा कि कुछ जिलों में संक्रमण दर दस प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ, केरल, ओडिशा, त्रिपुरा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में अपने दल भेजें हैं। उन्होंने कहा कि यह देखा जा रहा है कि यूरोपीय देशों में कोरोना के मामले बढ रहे हैं और चुनौती बनी हुई है।
डॉक्टर पॉल ने टीके की प्रभावशीलता पर चंडीगढ पीजीआई के एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड टीका महामारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि अध्ययन के अनुसार कोविड टीके की दो खुराक महामारी से 98 प्रतिशत संरक्षण देती हैं, जबकि केवल एक खुराक 92 प्रतिशत तक प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण प्रभावी है और यह बीमारी से गंभीर रूप से पीडित होने से बचाता है।
डॉक्टर पॉल ने टीके की उपलब्धता पर कहा कि देश में कोविड-19 टीके की पर्याप्त आपूर्ति करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकल खुराक टीके के लिए जॉनसन एंड जॉनसन से बात की जा रही है। इस टीके का उत्पादन बायो-ई करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई की इससे देश में टीके की उपलब्धता बढ जायेगी। उन्होंने कहा कि 12 राज्यों में डेल्टा के 56 मामले हैं।
