हैदराबाद स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान परिषद -आईसीएमआर – से संबद्ध राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) ने बताया कि हैदराबाद में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम कर रहे अधिकांश कर्मी अव्यवस्थित जीवनशैली के कारण हृदय रोग, रक्तचाप, मधुमेह, स्ट्रोक और अन्य प्रकार के गैर-संचारी रोगों का जोखिम उठा रहे हैं। राष्ट्रीय पोषण संस्थान द्वारा किए गए अनुसंधान से इस बात का संकेत मिलता है कि इसका कारण शारीरिक गतिविधि में कमी और कार्यस्थलों पर अत्यधिक तनाव है। हैदराबाद में 30 वर्ष की औसत आयु वाले आईटी कर्मचारियों पर किया गया यह शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘न्यूट्रिएंट्स’ में प्रकाशित हुआ था। संस्थान की निदेशक डॉ. हेमलता ने बताया कि 26 से 35 वर्ष की आयु के लगभग 46 प्रतिशत प्रतिभागी उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अतिरिक्त वसा और कोलेस्ट्रॉल के असामान्य स्तर से ग्रसित हैं। उन्होंने बताया कि देश के विकास में बड़े पैमाने पर योगदान देने वाले आईटी क्षेत्र के कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
NIN ने बताया कि हैदराबाद में अधिकांश IT कर्मचारियों को जीवनशैली के कारण हृदय रोग, रक्तचाप, मधुमेह, स्ट्रोक और अन्य प्रकार के गैर-संचारी रोगों का खतरा
