राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने सोन नदी में घड़ियाल वन्यजीव अभ्यारण्य बनाने और इको सेंसिटिव जोन घोषित करने का राज्य सरकार को निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में सोन नदी में पर्यावरण हितों और कानून की अनदेखी करके बालू का खनन किए जाने से संकट में फंसे घड़ियाल, कछुआ और अन्य जीवों के संरक्षण के लिए एनजीटी ने यह कदम उठाया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने इसके लिए केंद्रीय वन और पर्यावरण तथा राज्य सरकार के जलवायु परिवर्तन विभाग को तीन महीने का समय दिया है।
NGT ने सोन नदी में घड़ियाल वन्यजीव अभ्यारण्य बनाने और इको सेंसिटिव जोन घोषित करने का दिया निर्देश
