NCC ने सभी कैडेटों के जीरो बैलेंस खाते खोलने के लिए SBI के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एनसीसी और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एसबीआई की “पहली उड़ान” स्कीम के तहत डेबिट कार्ड, चेकबुक और पासबुक सुविधा के साथ सभी एनसीसी कैडेटों के जीरो बैलेंस खाते खोलने के लिए रक्षा मंत्री की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू से प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख कैडेट लाभान्वित होंगे।

यह खाता प्रशिक्षण पूरा होने या 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी बाद में हो, तक चालू रहेगा। यह न केवल कैडेटों को राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली से परिचित कराएगा बल्कि उन्हें अपने खातों में धनराशि के डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए एक तैयार मंच भी उपलब्ध कराएगा।

सरकार की डीबीटी पहल के तहत, रक्षा मंत्रालय ने यूनिफॉर्म वितरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और निर्बाध बनाने के लिए इसमें सुधार किया है, जिससे एनसीसी कैडेटों के बैंक खातों में वर्दी भत्ते का प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण किया जाना सक्षम हो गया है। यह विद्यमान केंद्रीय खरीद और वितरण प्रक्रिया का स्थान लेगा। एनसीसी यूनिफॉर्म के प्रावधान के लिए वर्दी भत्ते को अब देश के दूरदराज के हिस्सों को कवर करने वाले कैडेटों के इन बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा।

इस अवसर पर रक्षामंत्री ने एनआईसी और डीबीटी लागू करने के द्वारा एनसीसी के डिजिटलीकरण में उनके प्रयासों के लिए एनसीसी, बीआईएसएजी और एसबीआई के अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये कदम निश्चित रूप से देश भर में एनसीसी से संबंधित जानकारी तक त्वरित पहुंच प्रदान करेंगे और वर्तमान तथा भविष्य दोनों ही कैडेटों को लाभान्वित करेंगे।

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