Monsoon 2021 Update: अगले पांच दिनों तक इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें कहां पहुंचा मानसून

मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) इस समय 26° उत्तरी अक्षांश/ 70° पूर्वी देशांतर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अंबाला और अमृतसर से होकर गुज़र रही है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के राजस्थान, पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब में आगे बढ़ने की गति धीमी होगी, क्योंकि उससे सम्बंधित स्थितियां अनुकूल नहीं हैं। हवा चलने की स्थिति से पता लगता है कि इस पूर्वानुमान की अवधि के दौरान क्षेत्र में वर्षा के कोई संकेत नहीं हैं और न वर्षा के लिये अनुकूल वातावरण बन रहा है।

उत्तरी पंजाब से हरियाणा, पश्चिम उत्तरप्रदेश, उत्तर झारखंड और गंगा-क्षेत्रीय पश्चिम बंगाल से होते हुये उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक निचले स्तर की हवायें आपस में मिल रही हैं।
दक्षिण-पश्चिम बिहार और पड़ोसी दक्षिण-पूर्वी उत्तरप्रदेश पर जो चक्रवाती हवायें थीं, वे अब झारखंड और पड़ोसी इलाकों में समुद्री सतह से 5.8 किमी तक चल रही हैं। उनका झुकाव दक्षिण-पश्चिम दिशा में है।

दक्षिण-पश्चिम बिहार और पड़ोसी दक्षिण-पूर्वी उत्तरप्रदेश से दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवाती हवाओं से जो कम दबाव वाला वातावरण बना था, वह अब झारखंड से दक्षिणी तटीय आंध्रप्रदेश के अंदरूनी हिस्सों से होते हुये ओडिशा तक फैल गया है। यह समुद्री सतह से 1.5 किलोमीटर ऊपर स्थित है।

पूर्व-पश्चिम सम्बंधी कम दबाव वाला वातावरण झारखंड से उत्तर गुजरात, छत्तीसगढ़ और दक्षिण मध्यप्रदेश के ऊपर चक्रवाती हवाओं की वजह से मौजूद है। यह समुद्री सतह से 3.1 किमी ऊपर है।

चक्रवाती हवा की स्थिति उत्तर-पश्चिम राजस्थान और पड़ोसी इलाकों के ऊपर मौजूद है और समुद्री सतह से 1.5 किमी तक उनका विस्तार है।

पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी सतह पर कम दबाव का वातावरण बना रहा है, जिसकी धुरी समुद्र सतह से 5.8 किमी ऊपर मौजूद है। यह मोटे तौर पर अक्षांश 710पूर्व और देशांतर 250 उत्तर में कायम है।

चक्रवाती हवा की स्थिति उत्तर-पूर्व और पड़ोसी उत्तर-पश्चिम अरब सागर पर समुद्र सतह से 5.8 किमी पर स्थित है, जो धीरे-धीरे कम हो रहा है।

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