प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘मोदी की गारंटी’ वाली ‘नये भारत की नयी खादी’ ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नयी दिशा दी है। पिछले 9 सालों में खादी उत्पादों की बिक्री में चार गुना से अधिक की बिक्री ने ग्रामीण भारत के कारीगरों को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। ये बातें खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार के अध्यक्ष मनोज कुमार ने गुरूवार को सोलापुर के पंढरपुर में ग्रामोद्योग विकास योजना (जीवीआई) के अंतर्गत आयोजितमशीनरी और टूलकिट वितरण कार्यक्रम और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत आयोजित मार्जिन मनी सब्सिडी वितरण कार्यक्रम में कही। वितरण कार्यक्रम में महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से आये लाभार्थियों को 180 विद्युत चालित चॉक, 100 हनी बी-बॉक्स, 20 आटोमैटिक अगरबत्ती मशीनें, 20 पैडल चालित अगरबत्ती मशीनें और 20 दोना मेकिंग मशीनें प्रदान की गयीं, जबकि केवीआईसी के पश्चिम क्षेत्र में आनेवाले महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और केंद्र शासित दादर और नागर हवेली के लिए 9 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की गई। इसके माध्यम से पश्चिम क्षेत्र में 226 नयी यूनिट की स्थापना होगी जिससे यहां के 2,486 बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मंत्र ने खादी को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है। पिछले 9 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि इस दौरान 9.50 लाख से अधिक नये रोजगार का सृजन हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक 27 हजार से अधिक कुम्हार भाइयों और बहनों को विद्युत चालित चॉक का वितरण किया है, जिससे 1 लाख से अधिक कुम्हारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसी योजना के तहत 6000 से अधिक टूलकिट और मशीनरी का वितरण किया गया है, जबकि हनी मिशन योजना के अंतर्गत अभी तक 20,000 लाभार्थियों को 2 लाख से अधिक हनी बी-बॉक्स और बी कॉलोनी का वितरण किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि पूरे देश में इस समय 3000 से अधिक खादी संस्थाएं कार्यरत हैं जिसके माध्यम से 5 लाख से अधिक खादी कारीगरों और कार्यकर्ताओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में 31 खादी संस्थाओं के माध्यम से करीब 1400 से अधिक कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। पिछले वित्त वर्ष में यहां के 60 खादी आउटलेट पर 26 करोड़ से अधिक खादी की बिक्री हुई थी ।
केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के माध्यम से केवीआईसी ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के साधन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में महाराष्ट्र में पीएमईजीपी के जरिये 26,375 नयी यूनिटें लगी हैं, जिसके लिए भारत सरकार की तरफ से करीब 802.51 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की गई हैं। इन नयी यूनिटों के माध्यम से महाराष्ट्र में 2,11,000 नये रोजगार का सृजन हुआ है। वितरण कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार और केवीआईसी के कर्मचारी और अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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