पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के लिए संसद सदस्यों की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक कल शाम नई दिल्ली में आयोजित की गई। सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय मंत्री, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने ‘तटीय शिपिंग नीति’ पर बैठक की अध्यक्षता की। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्रीपद वाई नाइक ने लोकसभा सदस्यों अरविंद गणपत सावंत, हिबी ईडन, लालूभाई बाबूभाई पटेल और राज्य सभा सदस्य जी के वासन के साथ इस बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान, सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि, ‘राष्ट्रीय जलमार्गों में कार्गो हैंडलिंग 2013-14 में 6.83 एमएमटी से 2022-23 में 1700% से अधिक बढ़कर 126.15 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) हो गई है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 2047 तक तटीय शिपिंग द्वारा 1300 एमटीपीए कार्गो आवाजाही की कुल क्षमता की पहचान की है।
उन्होंने कहा कि, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने तटीय शिपिंग को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन चैनल क्लीयरेंस, फर्स्ट और लास्ट माइल रोड और रेल कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के तहत कुशल लॉजिस्टिक्स (एसपीईएल) के लिए क्षेत्रीय योजनाएं आदि पेश की हैं।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “आज, सरकार ने तटीय कार्गो हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाने और तट के साथ यात्री आंदोलन की सुविधा के लिए सागरमाला कार्यक्रम के तहत विभिन्न परियोजनाएं शुरू की हैं। पांच समर्पित तटीय बर्थ विकसित किए गए हैं, जिससे 6.34 एमटीपीए की हैंडलिंग क्षमता तैयार हुई है। इसके अलावा 527 करोड़ रुपए की कीमत की रोरो/रोपैक्स जैट्टिज, पैसेंजर जेटीज़ आदि की 10 परियोजनाओं का काम भी पूरा हो चुका है।”
अमृतकाल विजन के तहत निर्धारित लक्ष्यों ने 2047 तक तटीय शिपिंग द्वारा 1300 एमटीपीए कार्गो आंदोलन की कुल क्षमता की पहचान की है।
तटीय शिपिंग: कार्गो परिवहन
वर्ष 2014-15 में, भारतीय बंदरगाहों ने लगभग 74.97 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तटीय कार्गो को हैंडल किया है जो 2022-23 में बढ़कर 151 एमटीपीए (104% की वृद्धि) हो गया है।
राष्ट्रीय जलमार्ग ने 2022-23 में 126.15 एमएमटी कार्गो हैंडल किया, जबकि 2013-14 में यह 6.83 एमएमटी था (1700% की वृद्धि)।
कमोडिटी वाइज शेयर- पीओएल उत्पाद (32.3%), थर्मल कोयला (30.6%), लौह अयस्क (11%), लौह छर्रे (7.6%), सीमेंट/क्लिंकर (1.5%) और अन्य (17.1%)।
तटीय जहाजों की सुविधा के लिए मंत्रालय ने बंदरगाहों पर तटीय कार्गो की तेजी से निकासी के लिए प्राथमिकता बर्थिंग नीति और ग्रीन चैनल क्लीयरेंस भी पेश किया है। प्रमुख बंदरगाहों द्वारा तटीय मालवाहक जहाजों को जहाज और कार्गो से संबंधित शुल्क पर 40% की छूट की पेशकश की जाती है। संभावना को देखने के बाद सरकार ने भारतीय ध्वज वाले जहाजों में इस्तेमाल होने वाले बंकर ईंधन पर भी जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया है।
तटीय परिवहन को और अधिक बढ़ावा देने के लिए समूह केंद्रों का विकास, साइलो बुनियादी ढांचा, समर्पित भंडारण सुविधाएं और एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स आपूर्ति श्रृंखला में सुधार भी मंत्रालय का फोकस क्षेत्र है।
राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (एनएलपी) के तहत तटीय शिपिंग और अंतर्देशीय जलमार्ग जैसे परिवहन के टिकाऊ तरीकों को बढ़ावा देने के लिए संबंधित मंत्रालयों (खाद्य, उर्वरक, इस्पात, कोयला, सीमेंट, पी एंड एनजी आदि) द्वारा कुशल लॉजिस्टिक्स (एसपीईएल) के लिए क्षेत्रीय योजनाएं तैयार की जा रही हैं। यहां तक कि तटीय शिपिंग के माध्यम से कोयला और उर्वरक जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के लिए न्यूनतम कार्गो निर्धारण को भी औपचारिक रूप दिया गया है।
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