जम्मू-कश्मीर में, पुलिस ने कल जमात-ए-इस्लामी की सांठगांठ से चलाए जा रहे एक मामले का भंडाफोड़ किया है। यह मामला धन इकट्ठा करने और विदयार्थियों को एमबीबीएस तथा बीडीएस की पढाई के लिए पाकिस्तान भेजने के लिए लुभाने का है। शहर और बाहरी इलाके में जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के तीन परिसरों पर दिन भर की छापेमारी में यह मामला सामने आया है। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और उसके साथी की तलाश की जा रही है। यह छापेमारी सुंजवान में शरीफ सरताज के आवास और तालाब खटिकन में उनके कार्यालय और जम्मू शहर के दलपटियान मोहल्ला में रईस अहमद मलिक के आवास पर की गई। पुलिस ने सरताज को गिरफ्तार कर लिया है। तलाशी में पाकिस्तान के कालेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म बरामद हुए हैं। इसके अलावा, एमबीबीएस कॉलेजों में छात्रों के प्रवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कई पाकिस्तानियों के मोबाइल और लैंडलाइन टेलीफोन नंबरों के साथ एक रजिस्टर भी जब्त किया गया है।
जमात की यह कार्रवाई, कश्मीर में हुर्रियत कांफ्रेंस द्वार इस्तेमाल किए गए उस तरीके के अनुरूप है, जिसके तहत वह पाकिस्तान में एमबीबीएस सीटें बेचता रहा है। इस मामले में राज्य जांच एजेंसी पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है। एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है जिसमें जमात कार्यकर्ताओं के संबंध पूर्व मंत्री बाबू सिंह से होने का पता चला है। बाबू सिंह को पिछले महीने जम्मू में छह लाख रुपये की हवाला राशि की बरामदगी के बाद गिरफ्तार किया था और वह वर्तमान में जेल में बंद है। पुलिस पहले ही कह चुकी है कि बाबू सिंह के पाकिस्तान में कई संपर्क हैं। प्रतिबंधित संगठनों के आवास से आपत्तिजनक सामग्री मिलने के कारण पुलिस ने अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किया है। हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि एक नवगठित संगठन जम्मू-कश्मीर फ्रीडम मूवमेंट का भी पता लगाया गया है।
