भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज भारत के पहले निजी विक्रम-सबऑर्बिटल (वीकेएस) रॉकेट का सफल प्रक्षेपण कर इतिहास रच दिया है। आन्ध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अन्तरिक्ष केन्द्र से भारत के पहले निजी रॉकेट विक्रम सबऑर्बिटल का सफल परीक्षण किया गया। इसे 11 बजकर 30 मिनट पर छोड़ा गया। 83 किलोग्राम का यह रॉकेट तीन पेलोड लेकर 89.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने के बाद यह राकेट लगभग 115 किमी दूर बंगाल की खाड़ी में सुरक्षित रूप से पानी में गिर गया।
प्रधानमंत्री ने विक्रम-एस के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो और इन-स्पेस को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित भारत के पहले निजी रॉकेट, विक्रम-सबऑर्बिटल के सफल प्रक्षेपण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और इन-स्पेस को बधाई दी है।
ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने कहा; “भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण, स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित रॉकेट विक्रम-एस ने आज श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी! यह भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए @isro और @INSPACeIND को बधाई।”
“यह उपलब्धि हमारे युवाओं की अपार प्रतिभा का प्रमाण देती है, जिन्होंने जून 2020 के ऐतिहासिक अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों का पूरा लाभ उठाया।”