INS तरकश ने विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में जिबूती का दौरा और सूडान की नौसेना के साथ समुद्री साझेदारी अभ्यास किया

INS तरकश ने विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में जिबूती का दौरा और सूडान की नौसेना के साथ समुद्री साझेदारी अभ्यास किया

भारतीय नौसेना के कई अत्याधुनिक उपकरणों से लैस और रडार की पहुंच से बचने में सक्षम आईएनएस तरकश ने अपनी लंबी दूरी की विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में जिबूती का दौरा किया और उसके बाद सूडान की नौसेना के साथ समुद्री साझेदारी अभ्यास किया। यह पोत ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में तैनात है, जिसका उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में दक्षिण अमरीका में तिरंगा फहराना है।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह पर आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन अब्राहम सैमुअल ने जिबूती में भारत के राजदूत रामचंद्रन चंद्रमौली से मुलाकात की। भारतीय नौसेना अपने मिशन-आधारित तैनाती सिद्धांत के हिस्से के रूप में अदन की खाड़ी में निरंतर अपनी उपस्थिति बनाए रखती है।

आईएनएस तरकश ने 07 जुलाई 2022 को सूडान के नौसेना बेस के पास लाल सागर में सूडान नौसेना के जहाजों अल्माज (पीसी 411) और निमेर (पीसी 413) के साथ समुद्री साझेदारी अभ्यास भी किया। इस युद्धाभ्यास के दौरान दाव-पेंच, हेलीकॉप्टर द्वारा समुद्री जहाजों की पुनः पूर्ति के लिए उड़ान संचालन, यात्रा और बोर्ड संचालन तथा संचार प्रक्रियाएं शामिल थीं। साझेदारी अभ्यास से पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान और दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्राप्त हुआ।

आईएनएस तरकश एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म है और इसमें एक हथियार-सेंसर फिट है, जो इसे अपने सामने आने वाले खतरों से निपटने के सभी आयामों में सक्षम बनाता है। यह युद्धपोत भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का हिस्सा है और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी नौसेना कमान के संचालन कमान के तहत कार्य करता है।

Related posts

Leave a Comment