IAF बेस से नागरिक विमान परिचालन की सुविधा के लिए RCS उड़ान/हवाईक्षेत्र अवसंरचना के विस्तार को लेकर IAF को भारतीय वायुसेना की भूमि का हस्तांतरण

IAF बेस से नागरिक विमान परिचालन की सुविधा के लिए RCS उड़ान/हवाईक्षेत्र अवसंरचना के विस्तार को लेकर IAF को भारतीय वायुसेना की भूमि का हस्तांतरण

“उड़े देश का आम नागरिक” (उड़ान) के माननीय प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) की सुविधा के लिए भारतीय वायु सेना ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को रक्षा मंत्रालय की ओर से रक्षा भूमि पर कार्य करने की अनुमति और हैंडलिंग की सुविधा प्रदान की है। यह सुविधान सात स्थानों- बागडोगरा, दरभंगा, आदमपुर, उत्तरलाई, सरसावा, कानपुर और गोरखपुर में प्रदान की गई है। एएआई, अब आरसीएस उड़ान योजना के तहत नागरिक उड़ानों को संचालित करने के लिए मौजूदा आईएएफ हवाई क्षेत्रों का उपयोग करेगा। सिविल टर्मिनलों के विकास और आरसीएस उड़ानें शुरू करने को लेकर जरूरी हवाई क्षेत्र अवसंरचना के लिए लगभग 40 एकड़ भूमि सौंपी जा रही है।

इन स्थानों पर हवाई संपर्क प्रदान करने से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और इन क्षेत्रों का विकास भी होगा। इसके अलावा आईएएफ छह स्थानों पर नागरिक हवाईअड्डों के विस्तार के लिए रक्षा भूमि को सौंपने की प्रक्रिया में है, जो आरसीएस के तहत शामिल हैं। इनमें श्रीनगर, तंजावुर, चंडीगढ़, लेह, पुणे और आगरा हवाईअड्डे शामिल हैं। इससे मौजूदा टर्मिनलों के विस्तार में आसानी होगी। साथ ही, यात्री व कार्गो बुनियादी ढांचे की बढ़ी हुई संख्या को समायोजित करने में सुविधा होगी।

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