मकानों की कीमतों में पिछले साल 2.7 प्रतिशत की वृद्धि

देश के प्रमुख शहरों में संक्रमण के बावजूद मकानों की कीमतों में पिछले साल दो दशमलव सात प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने कल मौजूदा वित्त वर्ष 2020-2021 के लिए पिछली तिमाही का हाउसिंग प्राइस इंडेक्स-एचपीआई जारी किया।ये तथ्य अहमदाबाद, बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली, जयपुर, कानपुर, कोच्चि, कोलकाता, लखनऊ और मुम्बई के गृह पंजीकरण प्राधिकरण से प्राप्त कारोबारी आंकड़ों पर आधारित है।

पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की तीन दशमलव नौ प्रतिशत की तुलना में वित्त वर्ष 2020-21 में राष्ट्रीय हाउसिंग प्राइस इंडेक्स-एचपीआई दो दशमलव सात प्रतिशत रहा। बेंगलुरू का एचपीआई बढ़ कर 15 दशमलव सात प्रतिशत हो गया जबकि जयपुर के सूचकांक में तीन दश्मलव छह प्रतिशत कमी आई।

तिमाही आधार पर राष्ट्रीय एचपीआई विकास दर 2020-21 की चौथी तिमाही में कम होकर शून्य दशमलव दो प्रतिशत पर आ गई। इस दौरान दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता और जयपुर में एचपीआई में गिरावट दर्ज की गई जबकि अन्य शहरों में इसमें वृद्धि हुई है।

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