सरकार ने 6 जुलाई 2021 तक उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (सीपीए) में प्रस्तावित संशोधनों पर टिप्पणियां/सुझाव आमंत्रित किए

भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर 6 जुलाई 2021 तक टिप्पणियां/सुझाव आमंत्रित किये हैं।

इन दिनों ई-कॉमर्स और दूसरी अन्य बाजार विकास जैसी नई व्यावसायिक प्रक्रियाओं ने उपभोक्ताओं द्वारा लेन-देन करने के तरीके को बदल दिया है।भारत सरकार इन परिवर्तनों के आलोक में मौजूदा सीपीए को मजबूत करने के लिए सभी हितधारकों के साथ परिचर्चा की श्रृंखला आयोजित कर रही है।इनमें व्यापार एवं उद्योग संघ, उपभोक्ता अधिकार समूह, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय तथा अन्य एजेंसियां आदि शामिल हैं।विभिन्न प्रकार के नए विचार व सुझाव सामने आए हैं और उनमें से कई को नए मसौदा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में शामिल किया गया है।इन्हें ही अब जनता के लिए प्रसारित किया गया है।

इनमें से कुछ नए बिंदुओं में निम्न शामिल हैं-

1. मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति,

2. एक “रेजीड़ेंट शिकायत अधिकारी” की नियुक्ति,

3. “क्रॉस-सेलिंग” को जोड़ा गया,

4. “वापसी की जिम्मेदारी”,

5. “फ्लैश सेल”,

6. ई-कॉमर्स कंपनियों का पंजीकरण,

7. कोई भी ई-कॉमर्स कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर या व्यापार के दौरान भ्रामक विज्ञापन के किसी भी प्रदर्शन अथवा इसके प्रचार की अनुमति नहीं देगी।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (2019 का 35) की धारा 101 की उप-धारा (1) के उप-खंड (जेडजी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार ने 23 जुलाई 2020 को उपभोक्ता संरक्षण (ई-वाणिज्य) नियम, 2020, उपभोक्ता मामलों के विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 में प्रस्तावित संशोधनों पर विचार/टिप्पणियां/सुझाव मांगे हैं।

Related posts

Leave a Comment