केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यहां बुनियादी ढांचे से संबंधित आगे की रूपरेखा(रोडमैप) पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ एक आभासी बैठक की। बुनियादी ढांचे की रूपरेखाके बारे में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के साथ वित्त मंत्री की यह छठी समीक्षा बैठक थी। इस बैठक के दौरान, विभिन्न मंत्रालयों और उनके सीपीएसई की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) योजनाओं, बजट में की गई घोषणाओं के कार्यान्वयन की स्थिति और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में निवेश में तेजी लाने के उपायों के बारे में चर्चा की गई। इस बैठक में वित्त सचिव, सचिव (आर्थिक मामले), सचिव (सार्वजनिक उद्यम), सचिव (इस्पात) ने भाग लिया। सचिव (आवास एवं शहरी कार्य), सचिव (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस) और सचिव (अंतरिक्ष) के साथ-साथ इन मंत्रालयों/विभागों के सीपीएसई के सीएमडी/सीईओ भी इस बैठक में उपस्थित थे।
विभिन्न मंत्रालयों और उनके सीपीएसई के पूंजीगत व्यय के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुएवित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि बढ़ा हुआपूंजीगत व्यय (कैपेक्स)इस महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों को अपने पूंजीगत व्यय को फ्रंट-लोड करने के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्रालयों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे अपने कैपेक्स लक्ष्यों से अधिक हासिल करने का इरादा रखें। निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में 5.54 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय प्रदान किया गया है, जोकि 2020-21 के बजट अनुमान से 34.5% अधिक है।उन्होंने कहा किपूंजीगत व्यय को बढ़ाने के लिएसार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को बजटीय पक्ष के प्रयासों का पूरक बननाहोगा।
वित्त मंत्री ने प्रगति की समीक्षा करते हुए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने और इसे फ्रंट लोडिंग करने की दिशा मेंप्रयास करने के लिएकहा। इस्पात मंत्रालय को पूंजीगत व्यय को फ्रंट लोड करने और सहायता प्रदान करके तथा बाधाओं को दूर करके निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिएकहा गया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में तेजी लाने के लिए कहा गया। अंतरिक्ष विभाग को जहां भी संभव हो घरेलू खरीद पर ध्यान देने के लिए कहा गया।
निर्मला सीतारमण ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि बुनियादी ढांचे से संबंधित खर्च केवल बुनियादी ढांचे पर केन्द्र सरकार का बजटीय खर्च नहीं है और इसमें राज्य सरकारों एवं निजी क्षेत्र द्वारा बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में किया जानेवाला खर्च शामिल है। इसमें अतिरिक्त बजटीय संसाधनों के माध्यम से सरकारी व्यय भी शामिल है। इसलिए, मंत्रालयों को नवीन संरचना और वित्तपोषण के माध्यम से परियोजनाओं को वित्त पोषित करने के लिए सक्रिय रूप से काम करना होगा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में खर्च को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र को सभी सहायता प्रदान करना होगा।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रालयों को व्यावहारिक परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) की संभावनाओं का भी पता लगाने की जरूरत है। निर्मला सीतारमण ने मंत्रालयों और उनके सीपीएसई को 31 जुलाई, 2021 तक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
अपने संबोधन का समापन करते हुए, वित्त मंत्री ने विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों को महत्वपूर्ण बड़ी परियोजनाओं पर खर्च बढ़ाने के लिए कहा ताकिसमय सीमा के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित हो सके। निर्मला सीतारमण ने मंत्रालयों को क्षेत्र-विशेष की परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संबंधित राज्य सरकारों के साथ उसकी नियमित समीक्षा करने के लिए भी कहा।
