नई दिल्ली: किसी भी संभावित ड्रोन खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित भारतीय काउंटर-ड्रोन प्रणाली को राष्ट्रीय राजधानी में राजनयिक एन्क्लेव में तैनात किया गया है। DRDO और भारतीय सेना के ड्रोन सिस्टम अन्य नागरिक एजेंसियों के साथ हवाई खतरों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
भारत 18वें जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है। विश्वभर से जी-20 नेता शनिवार से शुरू हो रहे वैश्विक समारोह में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगनाथ और नाईजीरियां के राष्ट्रपति बोला अहमद तिनुबू पहले ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं। अन्य देशेां के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष भी आज नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस बीच वैश्विक नेताओं का स्वागत करने के लिए राजधानी में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
महज 48 घंटे से भी कम समय बचे, इस भव्य आयोजन को लेकर, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये है। हवाई अड्डा, अतिथियों के आवाजाही, आयोजन स्थल और विदेशी प्रतिनिधियों के ठहरने के स्थानों सहित, अन्य जगहों पर सुरक्षा के चाक चौबंध व्यवस्था की गई है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और भारतीय सशस्त्र बल के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाये गये हैं। नई दिल्ली जिले के पूरे इलाके को, कल सुबह से रविवार तक नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया गया है।
इस बीच हवाई अड्डे, होटलों, मुख्य आयोजन स्थलों से लेकर एनडीएमसी क्षेत्र और राष्ट्रीय राजधानी के अन्य हिस्सों में जी20 लोगो, पोस्टर, झंडे, फव्वारे, रंगबिरंगी रोशनी, वॉल पेंटिंग और मूर्तियों से शहर पूरी तरह से सज-धज कर तैयार है। शिखर सम्मेलन से पहले ही, आयोजन का मुख्य स्थल भारत मंडपम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी के साथ-साथ, भारत मंडपम में कई प्रदर्शनियां, शिल्प बाजार, सांस्कृतिक गलियारा और डिजिटल इंडिया एक्सपीरियंस जोन आनेवाले अतिथियों को, मंत्रमुग्ध कर देने वाला अनुभव देने के लिए पूरी तरह तैयार है।