टीम का मानना है कि नई विकसित मिश्र धातुएं स्वाभाविक रूप से सड़नशील स्टेन्ट और ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट्स अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त हैं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत स्वायत्त संस्थानों चूर्णिक धातु कर्म एवं नई सामग्री यानी पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मेटीरियल्स के लिए अंतरराष्ट्रीय उन्नत शोध केंद्र(एआरसीआई) और श्री चित्रा टिरुनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस, तिरुअनंतपुरम के वैज्ञानिकों ने संयुक रूप से मानव शरीर में इस्तेमाल होने योग्य स्वाभाविक रूप से सड़नशील धातु का इम्प्लांट बनाने के लिए लौह- मैंगनीज से युक्त उन्नत मिश्र धातु बनाया है। स्वाभाविक रूप…
Read MoreCategory: Tech
जेएनसीएएसआर के वैज्ञानिकों ने मधुमेह रोगियों में इंसुलिन के निरंतर वितरण के लिए इंजेक्शन देने लायक सिल्क फाइब्रोइन-आधारित हाइड्रोजेल विकसित किया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (जेएनसीएएसआर) के वैज्ञानिकों ने हाल ही में मधुमेह रोगियों में इंसुलिन वितरण के लिए इंजेक्शन देने लायक सिल्क फ़ाइब्रोइन-आधारित हाइड्रोजेल विकसित किया है। इस आविष्कार के लिए एक पेटेंट आवेदन भी दाखिल किया गया है। प्रो टी गोविंदराजू और जेएनसीएएसआर की उनके अनुसंधान टीम ने जैव फ़ाइबोमोटोपेबल एडिटिव्स का उपयोग करके सिल्क फाइब्रोइन (एसएफ) सूत्र विकसित किया है और एक ऐसा इंजेक्शन एसएफ हाइड्रोजेल (आईएसएफएच) तैयार किया है जो मधुमेह के रोगियों में…
Read Moreभोपाल की डीएसटी इंस्पायर फैकल्टी ने हल्का कार्बन फोम बनाया है जो लेड बैटरी की जगह ले सकता है
यह कार्बन फोम दूषित जल से आर्सेनिक, तेल और अन्य धातु को अलग करने में किफायती भी होगा | यह कार्बन फोम गैर-विषाक्त, बनाने में आसान, सस्ता और जल में अघुलनशील है भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गठित इंस्पायरफैकल्टी अवार्ड प्राप्त सीएसआईआर- एडवांस्ड मटीरियल्स एंड प्रोसेसेसरिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉ. राजीव कुमार छिद्रयुक्त कार्बन सामग्री बना रहेहैं जो लेड एसिड बैटरी में लेड-ग्रिड की जगह ले सकता है। यह ऊर्जाइलेक्ट्रॉनिक्स में हीट सिंक्स, एयरोस्पेस में इलेक्ट्रोमैग्नेटिकइंटरफेरेंस शिल्डिंग, हाइड्रोजन भंडारण और लेड एसिड बैटरी एवं जल शुद्धिकरणप्रणाली के लिए इलेक्ट्रोड के रुप…
Read Moreएक दिन में 4 ट्रेनों से शुरू करके अब रोजाना 145 ट्रेनें, भारतीय रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए अपने मिशन ‘’घर वापसी’’ को गति दी
फंसे हुए लोगों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के प्रयासों के तहत एक दिन में 2 लाख से ज्यादा प्रवासियों को उनके गंतव्य पर पहुंचाकर मील का पत्थर पार किया | पहली मई से लगभग 5000 यात्रियों से शुरू करके 14 मई को 2.10 लाख से ज्यादा यात्रियों तक, 2 हफ्तों से भी कम समय में इस मील के पत्थर तक पहुंचा भारतीय रेलवे | अब तक इन “श्रमिक स्पेशल” ट्रेनों से 12 लाख से अधिक यात्री अपने गृह राज्यों में पहुंच चुके हैं प्रवासियों को घर पहुंचाने के…
Read More