सिपेट अब पेट्रोरसायन क्षेत्र के विकास पर पूरी तरह सेध्यान केन्द्रित कर सकेगा : गौड़ा भारत सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंव प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) का नाम बदलकर केन्द्रीय पेट्रोरसायन इंजीनियरिंग और प्रोद्योगिकी संस्थान कर दिया गया है। परिवर्तित नाम तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1975 (तमिलनाडु अधिनियम 27, 1975) के तहत पंजीकृत किया गया है। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा है कि अब सिपेट शिक्षण , कौशल विकास, प्रौद्योगिकी समर्थन और अनुसंधान पर ध्यान केन्द्रित करते हुए पूरी तरह से खुद…
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सीएसआईआर-आईआईआईएम और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) मिलकर कोरोना वायरस के लिए आरटी-एलएएमपी आधारित जांच किट विकसित करेंगे
आरटी-एलएएमपी एक त्वरित, सटीक और किफायती जांच का तरीका है जिसे स्वदेशी अव्यवों के साथ तथा थोड़ी विशेषज्ञता एवं उपकरणों की सहायता से उपयोग में लाया जा सकता है। देश में कोविड-19 की गंभीरता को कम करने वाले अभियान के एक भाग के रूप में, सीएसआईआर ने देश में कोरोना वायरस महामारी से मुकाबला करने के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी को विकसित करने, एकीकृत करने, बढ़ावा देने और उपयोग करने के लिए अनुसंधान और विकास की रणनीति बनाई है। कोरोनो वायरस से उत्पन्न कई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रौद्योगिकी के उपयोग की…
Read Moreसीईएनएस द्वारा डिजाइन किया गया आरामदायक फेसमास्क लंबे समय तक इसका उपयोग करने के लिए आम लोगों को प्रोत्साहित कर सकता है
कोविड-19 प्रोटेक्शन मास्क के लिए एक श्रम दक्ष डिजाइन लंबे समय तक इसके सुगम उपयोग के लिए अनिवार्य है: डीएसटी के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्तशासी संस्थान, सेंटर फार नैनो एंड साफ्ट मैटर साईंसेज (सीईएनएस) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने मास्क के एक कप आकार की डिजाइन (पैटेंट दायर) विकसित की है जो बोलते समय मुंह के सामने के हिस्से में पर्याप्त स्थान का सृजन करने में सहायता करती है। बड़े स्तर पर इसका उत्पादन के लिए इसे बंगलुरु स्थित एक कंपनी को अंतरित…
Read Moreभारत शेष विश्व के साथ जैव विविधता के संरक्षण में अपनी सर्वश्रेष्ठ कार्य प्रणाली और अनुभवों को साझा करेगा: केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2020 के वर्चुअल उत्सव में, केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज जैव विविधता के संरक्षण के लिए पांच प्रमुख पहलों की शुरूआत की। वर्ष 2020 जो ‘‘जैव विविधता के लिए उत्तम वर्ष” भी है, क्योंकि 2010 में अपनाए गए 20 वैश्विक ऐची लक्ष्यों के साथ जैव विविधता के लिए रणनीतिक योजना 2020 में समाप्त हो रही है और सभी देश मिलकर 2020 के बाद की वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत, एक बहुत बड़ा जैव विविधता वाला देश है, भारत उन देशों का स्वागत…
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