डीएसटी ने नवाचार, उद्यमिता और इन्क्यूबेशन को समर्थनदेने पर आधारित रिपोर्ट जारी की

DST

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिवप्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने नवाचार, उद्यमिता, और इन्क्यूबेशन में सहयोग देने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड (एनएसटीईडीबी) की यात्रा पर एक रिपोर्ट, ऑनलाइन कार्यक्रम में जारी की। डीएसटी के सचिव प्रोफेसर शर्मा ने रिपोर्ट लॉन्च करते हुए कहा, “राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड (एनएसटीईडीबी) के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने इनक्यूबेटरों के नेटवर्क के जरिये स्टार्टअप पारितंत्र को बढ़ावा देने और पोषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिणाम की दृष्टि से पिछले पांच वर्षों महत्वपूर्ण…

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इन्सपायर फैकल्टी के वैज्ञानिक सूक्ष्म शैवाल से किफायती बायोडीजल उत्पादन की प्रक्रिया को विकसित कर रहे हैं

inspired faculty

जीवाश्म ईंधन का भण्डार निरंतर कम हो रहा है। भारत के विशाल समुद्री वातावरण में रहने वाले शैवाल (एल्गी) की ईंधन क्षमता पर विशेष खोज व शोध नहीं किये गए हैं। समुद्री मूल के सूक्ष्म शैवाल से किफायती बायोडीजल बनाना जल्द ही वास्तविकता बन सकता है। इसके लिए एक वैज्ञानिक धन्यवाद के पात्र हैं, जो बायोडीजल उत्पादन के लिए सूक्ष्म शैवाल में लिपिड संचय को बढ़ाने हेतु जैव-तकनीकी अध्ययन और जरूरी उपकरणों पर काम कर रहे हैं। तेजी से कम हो रहे पेट्रोलियम आधारित ईंधन को देखते हुए,तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के…

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एआरसीआई के वैज्ञानिको ने इमली और कपास के अपशिष्ट से सुपरकैपेसिटर इलेक्ट्रोड का निर्माण किया

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इससे कम लागत के इलेक्ट्रिक वाहन और हाईब्रिड वाहन बनाने की दिशा में सहायता मिलेगी। ये वाहन अपनी ब्रेकिंग प्रणाली और स्टार्ट-स्टॉप के लिए सुपरकैपेसिटर पर मुख्य रुप से निर्भर हैं। सुपरकैपेसिटर के लिए बड़े स्तर पर सुपरकैपेसिटर पदार्थ की मांग को देखते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान इंटरनेशनल एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मेटेरियल (एआरसीआई) ने इमली के बीजो और औद्योगिक कपास अपशिष्ट से किफायती इलेक्ट्रोड सामग्री बनाई है। इससे सस्ते सुपरकैपेसिटर उपकरण बनाए जा सकेंगे। केंद्र के वैज्ञानिकों ने एक्टिवेशन प्रक्रिया द्वारा…

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एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्षेत्र में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए नई साझेदारी

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इस नई साझेदारी के तहत दोनों संस्थान मिलकर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के उभरते क्षेत्रों से जुड़ी स्टार्टअप कंपनियों को प्रोत्साहित करने का काम करेंगे। इस पहल के अंतर्गत एयरोस्पेस क्षेत्र से संबंधित इनोवेशन/इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यह जानकारी एनआरडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ एच. पुरुषोत्तम द्वारा दी गई है। इस संबंध में सीएसआईआर-एनएएल और एनआरडीसी के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर मुख्यालय में इस समझौते का आदान-प्रदान करते समय डीएसआईआर के सचिव एवं सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ शेखर सी. मांडे, डीएसआईआर के…

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