मानव फेफड़े के एपिथेलियल कोशिका में नोवल कोरोनावायरस का कल्चर करेंगे वैज्ञानिक

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हैदराबाद के सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) ने कोविड-19 पर अनुसंधान गतिविधियां शुरू करने के लिए बेंगलूरु की कंपनी आईस्टेम रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया है। इस अनुसंधान साझेदारी के जरिये मानव कोशिकाओं में नोवल कोरोनावायरस को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा जो कोविड-19 के खिलाफ संभावित दवाओं और टीकों के इन विट्रो परीक्षण में सक्षम होगा। सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने कहा, शोध दल नोवल कोरोनावायरस की मॉलिक्यूलर और पैथोलॉजिकल विशेषताओं को समझने के लिए अपने एंटी-कोविड स्क्रीनिंग (एसीएस) प्लेटफॉर्म के तहत आईस्टेम के मानव…

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प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र लॉकडाउन के दौरान दवा खरीद को सुगम बनाने के लिए व्हाट्सएप और ई-मेल पर ऑर्डर स्वीकार कर रहे हैं

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लॉकडाउन के बीच केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत कई प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) व्हाट्सएप और ई-मेल पर दवा के लिए ऑर्डर स्वीकार कर रहे हैं जहां अपलोडेड प्रस्क्रिप्शनों के आधार पर रोगियों के दरवाजों तक दवाओं को पहुंचाया जा रहा है। यह अभिनव पहल यूजरों द्वारा दवाओं की आसान खरीद को सुगम बनाने में प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित कर रही है। पीएमबीजेके को इस पहल के लिए बधाई देते हुए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डीवी सदानंद देवगौड़ा ने कहा, ‘ यह जानकर प्रसन्नता हो रही…

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पीएम जन औषधि केंद्र (पीएमजेएके) कोविड-19 स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं: मनसुख मंडाविया

पीएमजेएके) कोविड-19

जहाजरानी तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि जन औषधि केंद्र कोविड-19 स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं क्योंकि प्रति दिन लगभग 10 लाख व्यक्ति किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं खरीदने 6000 पीएम जन औषधि केंद्रों पर जा रहे हैं। ये केंद्र हाइड्रो क्लोरोक्वीन भी बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग की एक अभिनव पहल है और जन औषधि केंद्र इस स्कीम के तहत किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री के अभिलषित…

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इसरो ने किया जीसैट-7A संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

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देश का 35वां संचार उपग्रह जीसैट-7ए सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित हो गया। इसे आन्‍ध्रप्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से कल शाम चार बजकर दस मिनट पर छोड़ा गया। यह इसरो की चौथी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान है। इसरो का 35वां संचार उपग्रह जी-सैट 7ए, के-यू बैंड संचार सुविधा उपलब्‍ध कराएगा। अंतरिक्ष जगत में भारत ने एक और इतिहास रच दिया। श्रीहरिकोटा से इसरो के वैज्ञानिकों ने कम्युनिकेशन सैटलाइट GSAT-7A का सफल प्रक्षेपण किया। इसमें 4 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनके जरिए तकरीबन 3.3 किलोवॉट बिजली पैदा की…

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