संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) तथा आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) की संयुक्त पहल, टैक्स इंस्पेक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (टीआईडब्ल्यूबी) कार्यक्रम आज भूटान में शुरू हुआ। भारत को भागीदार क्षेत्राधिकार के रूप में चुना गया है। भारत ने इस कार्यक्रम के लिए कर-विशेषज्ञ उपलब्ध कराये हैं।
इस कार्यक्रम की अवधि लगभग 24 महीने होगी। इस दौरान भारत, यूएनडीपी और टीआईडब्ल्यूबी सचिवालय के सहयोग से भूटान के लेखा परीक्षकों को तकनीकी जानकारी तथा आवश्यक कौशल हस्तांतरित करेगा तथा सर्वोत्तम लेखा तौर-तरीके साझा करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भूटान को कर प्रशासन को मजबूत करने में सहायता प्रदान करना है। कार्यक्रम का फोकस, अंतरराष्ट्रीय कराधान और हस्तांतरण मूल्य निर्धारण क्षेत्र होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष जे.बी. महापात्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निपुद गेलत्शेन, कार्यवाहक महानिदेशक, राजस्व और सीमा शुल्क विभाग, भूटान; रुसूदन केमुलारिया, टीआईडब्ल्यूबी सचिवालय की प्रमुख तथा भूटान, यूएनडीपी, ओईसीडी, टीआईडब्ल्यूबी सचिवालय और सीबीडीटी के विदेशी कर तथा कर अनुसंधान प्रभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लॉन्च कार्यक्रम में भाग लिया।
यह कार्यक्रम भारत और भूटान के बीच निरंतर सहयोग और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए भारत के निरंतर और सक्रिय समर्थन में एक और मील का पत्थर साबित होगा।