देश में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की देखरेख और रखरखाव के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के 3,697 प्राचीन स्मारक और पुरातत्वीय स्थल और अवशेष हैं। प्राचीन मंदिरों और मठों सहित इन स्मारकों और स्थलों का संरक्षण और पुनरुद्धार करना एक नियमित प्रक्रिया है और इन कार्यों को संसाधनों की आवश्यकता और उपलब्धता के अनुसार किया जाता है।
एएसआई द्वारा चित्रकूट जिले के (i) रामनगर, कर्वी में पुजारी गृह, (ii) कर्वी में पत्थर का मंदिर, गणेश बाग और (iii) कर्वी में तालाब के केंद्र में मंदिर का संरक्षण किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) नामक एक योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य चिरस्थायी और विख्यात पर्यटन गंतव्यों को विकसित करना है। एसडी 2.0 योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य सरकारें/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन प्रमुख पर्यटन आकर्षणों, पेशकशों, संपर्क, वर्तमान पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र, राज्य समर्थन आदि जैसी विशेषताओं के आधार पर विभिन्न गंतव्यों की पर्यटन क्षमता का विश्लेषण करते हुए एक राज्य परिपे्रक्ष्य योजना (एसपीपी) तैयार करते हैं। तदनुसार, पर्यटन मंत्रालय संबंधित राज्य सरकारों/ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों के परामर्श से विकास के लिए गंतव्यों का चयन करता है। पर्यटन मंत्रालय ने इस योजना के अंतर्गत विकास के लिए देश में 55 गंतव्यों को अधिसूचित किया है।