नीति अयोग के सदस्य डॉक्टर वी. के. पॉल ने कहा है कि यह समय बेहद सतर्क रहने का है। उन्होंने कहा कि विश्व के कुछ भागों में कोविड की तीसरी लहर देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि भारत में कोविड की तीसरी लहर ना आए।
डॉक्टर पॉल ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कही गई बातों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श करने का विषय यह नहीं होना चाहिए कि तीसरी लहर कब आएगी, बल्कि विचार इस पर किया जाना चाहिए कि तीसरी लहर को कैसे रोका जाए। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर खुद नहीं आएगी, बल्कि यह हमारे व्यवहार पर निर्भर करेगी। डॉक्टर पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो गज़ की दूरी और मॉस्क के संदेश को दोहराया और कहा कि वायरस को हराने और उससे बचने के लिए टीकाकरण हमारी सहायता करेगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि चार मई तक देश में पांच सौ 31 ऐसे जिले थे जहां हर रोज सौ रोगी सामने आ रहे थे। अब ऐसे जिलों की संख्या घटकर 73 रह गई है। उन्होंने कहा कि संक्रमण का फैलाव अब सीमित भौगोलिक क्षेत्र में केंद्रित है और संक्रमण केवल स्थानीकृत रूप में फैल रहा है।
लव अग्रवाल ने कहा कि भारत में उपचाराधीन रोगियों की संख्या में महत्वपूर्ण कमी आ रही है। फिलहाल चार लाख 31 हजार कोविड रोगियों का उपचार चल रहा है। कोविड संक्रमण से स्वस्थ होने की दर में भी लगातार महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने बताया कि 12 मई को रोगियों के स्वस्थ होने की दर 83 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 97 दशमलव तीन प्रतिशत पर पहुंच गई है।संयुक्त सचिव ने कहा कि कोविड संक्रमित व्यक्तियों का शीघ्र पता लगाने के लिए देश ने जांच के क्षेत्र में प्रगति की है। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रयोगशालाएं इन दिनों देश में औसतन 17 लाख 44 हजार परीक्षण प्रतिदिन कर रही हैं। लव अग्रवाल ने कहा कि देश में पॉजिटिव पाए जाने वाले रोगियों की दर में भी कमी आ रही है। उन्होंने बताया कि देश में 55 ऐसे जिले हैं जहां संक्रमण की दर दस प्रतिशत से अधिक दर्ज हो रही है। लव अग्रवाल ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख राज्यों में अधिक संख्या में कोविड-19 के नए रोगी दर्ज हो रहे हैं। ये राज्य हैं – मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश। लव अग्रवाल ने कहा कि सरकार कोविड की स्थिति का प्रबंधन करने के लिए एकजुट प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 11 राज्यों में केंद्रीय दल भेजे गए हैं ताकि कोविड प्रबंधन में राज्य सरकारों की मदद की जा सके।