जबरन धर्मांतरण से जुड़े पीएमएलए मामले में दिल्ली और उत्‍तर प्रदेश के कई स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने की छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय ने जबरन धर्मांतरण मामले के संबंध में धन शोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत दिल्‍ली और उत्‍तर प्रदेश में छह परिसरों में छानबीन की है। निदेशालय के बयान में कहा गया है कि जबरत धर्मांतरण पर उत्‍तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी बल – ए.टी.एस. की प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन की जांच की गई। प्राथमिकी में मोहम्‍मद उमर गौतम, उसके सहयोगी मुफ्ती क़ाज़ी जहांगीर क़ासिम और अन्‍य पर आरोप लगाया गया है कि वे पैसे का लालच देकर लोगों का इस्‍लाम में धर्मांतरण करवा रहे थे।

इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्‍ली और उत्‍तर प्रदेश के तीन-तीन स्‍थानों पर छानबीन की। दिल्‍ली के जामिया नगर में मुख्‍य आरोपी मोहम्‍मद उमर और उसके सहयोगी के घर और इस्‍लामिक दवा सेंटर के कार्यालय सहित तीन परिसरों में छानबीन की गई। निदेशालय ने बताया कि लखनऊ और संत कबीर नगर में अल-हसन एजूकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन तथा गाइडेंस एजूकेशन और वेलफेयर सोसाइटी के कार्यालय में भी छानबीन की गई। मोहम्‍मद उमर, इन संगठनों से जुडा है और गैरकानूनी धर्मांतरण में बडी भूमिका निभा रहा है।

ED has conducted search at 6 premises located in Delhi and UP in a forced religious conversion case of Mohd. Umar Gautam, his associate Mufti Qazi Jahangir Qasmi and others. pic.twitter.com/M4rvj9I1En

— ED (@dir_ed) July 3, 2021

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