देश की ऐतिहासिक कर सुधार-जीएसटी प्रणाली को लागू हुए आज चार वर्ष पूरे हो गए हैं। इसे पहली जुलाई, 2017 को लागू किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वस्तु और सेवा कर-जीएसटी भारत के आर्थिक परिदृश्य में अभूतपूर्व कदम साबित हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे आम आदमी पर करों की संख्या, अनुपालन बोझ और समग्र कर भार में कमी आई है, जबकि पारदर्शिता, अनुपालन और कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
MSME मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 2025 तक देश को पचास खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की परिकल्पना साकार करने में जीएसटी मददगार साबित होगा। आज जीएसटी दिवस पर एक वेबिनार में उन्होंने कहा कि जीएसटी एक राष्ट्र, एक बाजार, एक कर की धारणा पर आधारित है। नितिन गडकरी ने कहा कि महामारी के दौर में भी जीएसटी के जरिये व्यापार और उद्योग जगत को मदद मिली है और मिलती रहेगी।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि हाल के महीनों में राजस्व संग्रह में वृद्धि अब नई परिपाटी बन जानी चाहिए। उन्होंने कर संग्रह में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की जो पिछले लगातार आठ महीनों से एक लाख करोड रूपये से अधिक रहा। अप्रैल में जी एस टी संग्रह रिकार्ड एक लाख 41 हजार करोड रूपये तक पहुंच गया था। वस्तु और सेवाकर-जी एस टी लागू होने के आज चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय वित्तमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि राष्ट्र, कोविड महामारी की दो लहरों से उबर गया है और नई कर प्रणाली स्थिर हो गई है।