आज राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस है। राष्ट्र को स्वस्थ रखने में चिकित्सकों की भूमिका को महत्व देने के लिए प्रत्येक वर्ष एक जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है।
सरकार ने बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर बी.सी रॉय के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए 1991 में डॉक्टर्स डे की शुरूआत की थी। डॉक्टर रॉय ने भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद और भारतीय चिकित्सा संघ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उन्हें चार फरवरी 1961 को भारत रत्न से अलंकृत किया गया था।
पिछले रविवार को मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों और कोरोना योद्धाओं के योगदान की चर्चा की थी। उन्होंने कहा था प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है कि वे डॉक्टरों का आभार व्यक्त करे और उन्हें प्रोत्साहित करें।
कोरोना काल में डॉक्टर्स के योगदान के हम सब आभारी हैं। हमारे डॉक्टर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए हमारी सेवा की है। इसलिए इस बार नेशनल डॉक्टर्स डे और भी खास हो जाता है। साथियों मेडिसिन की दुनिया के सबसे सम्मानित लोगों में से एक हिपोक्रेस ने कहा था – वेयरएवर द आर्ट आफ मेडिसिन इन लव देअर इज ऑलसो ए लव ऑफ हृयूमेंटी यानी जहां ऑर्ट आफ मेडिसिन के लिए प्रेम होता है वहां मानवता के लिए भी प्रेम होता है। डॉक्टर्स इसी प्रेम की शक्ति से ही हमारी सेवा कर पाते हैं। इसलिए हमारा ये दायित्व है कि हम उतने की प्रेम से उनका धन्यवाद करें उनका हौंसला बढ़ाएं।
प्रधानमंत्री मोदी आज दोपहर भारतीय चिकित्सा संघ से आयोजित एक कार्यक्रम में चिकित्सक समुदाय को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि कोविड-19 की रोकथाम में डॉक्टरों के योगदान पर पूरे भारत को गर्व है।
