अख़बारों ने कोविड संबंधी व्यवहार, जांच, निगरानी, इलाज और टीकाकरण का कड़ाई से पालन करने के निर्देशों को मुखपृष्ठ पर अलग-अलग शीर्षक से दिया है।
राष्ट्रीय सहारा की पहली सुर्खी है – अनलॉक में बरतें सावधानी केन्द्र ने राज्यों को नसीहत दी। अख़बार ने बड़े अक्षरों में लिखा है – तीसरी लहर छह से आठ सप्ताह में। राजस्थान पत्रिका ने भी बड़े अक्षरों में लिखा है – हम नहीं सुधर रहे, छह से आठ हफ्ते में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर।
हिन्दुस्तान ने लिखता है – केन्द्र का निर्देश – महामारी एक्ट में डॉक्टरों पर हमला करने वालों को बख़्शें नहीं राज्य, केस दर्ज करें।
हरिभूमि की पहली सुर्खी है – कोरोना काल में घर पर ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों को तनावमुक्त रखने के गुर सिखाएं माता-पिता।
लगभग सभी अख़बारों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 24 जून को जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रीय दलों के साथ राजनीतिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने की दिशा में वार्ता करने को अहमियत दी है।
अख़बारों ने कल चंडीगढ़ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के अंतिम संस्कार के समाचार को चित्र के साथ दिया है।
दैनिक ट्रिब्यून ने एयरफोर्स अकादमी की पासिंग-आउट परेड के दौरान कैडेटों के मुस्कुराते चित्र के साथ लिखा है – वायुसेना में 2022 तक छत्तीस राफेल शामिल करने का लक्ष्य।
दैनिक भास्कर ने पहले पन्ने पर विशेष आलेख में उत्तराखंड में चिपको आंदोलन से दुनिया को नई राह दिखाने के लिए मशहूर चमोली के रैणी गांव के वजूद पर पैदा हुए संकट की चर्चा की है। अख़बार लिखता है – भूस्खलन से नष्ट हुए गौरा देवी स्मारक से प्रतिमा हटी तो लोग रो पड़े। लगभग ढाई हजार पेड़ों को काटने से बचाने के लिए गौरा देवी स्वयं अपनी साथी महिलाओं के साथ पेड़ों से चिपक गई थीं।
