पश्चिमी हवाओं के तेज़ होने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में मॉनसून की प्रगति धीमी होने की संभावना

पश्चिमी हवाओं के तेज़ होने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में मॉनसून की प्रगति धीमी होने की संभावना

अगले 4-5 दिनों के दौरान पूर्वी, मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत में अधिकांश स्थानों पर बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर बादलों की तेज़ गर्जना होने और बिजली गिरने की संभावना है। इन क्षेत्रों में आगामी 3 दिनों के दौरान अति भीषण बारिश हो सकती है। बिहार में 15 जून को एक-दो स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 2 दिनों के दौरान कई जगहों पर गर्जना और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने का अनुमान है। उसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर वर्षा जारी रहेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4-5 दिनों के दौरान ज़बरदस्त बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में 15 जून को बारिश की तीव्रता सबसे अधिक होगी।

उत्तरी महाराष्ट्र से उत्तरी केरल के तटों के बीच बनी तटीय ट्रफ के प्रभाव से दक्षिणी कोंकण गोवा, कर्नाटक, केरल और माहे में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इन भागों में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश के साथ बादलों की गर्जना होने और बिजली गिरने की आशंका भी है।

उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 15 जून को बादलों की मध्यम से तेज़ गर्जना के साथ कई बार बिजली कड़कने की घटनाएँ हो सकती हैं। तेज़ हवाएँ भी चलने की आशंका है। इन प्राकृतिक घटनाओं के कारण घर से बाहर काम करने वालों और मवेशियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

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