मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) इस समय 20.5° उत्तरी अक्षांश/ 60° पूर्वी देशांतर, दीव, सूरत, नंदुरबार, भोपाल, नौगांव, हमीरपुर, बाराबंकी, बरेली, सहारनपुर, अंबाला और अमृतसर से होकर गुजर रही है।
पश्चिमी हवाएँ मध्य अक्षांश पर प्रभावी हो गई हैं जिसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में मॉनसून की प्रगति धीमी होने की संभावना है। मॉनसून के आगे बढ़ने पर लगातार नज़र रखी जाएगी और दैनिक आधार पर अपडेट उपलब्ध कराया जाएगा।
निम्न दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश और इससे सटे बिहार पर बना हुआ है और इससे साथ ही बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फीयर) तक सक्रिय है। इसके पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान से हरियाणा, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के बीच से बिहार, झारखंड गंगीय पश्चिम से होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमीभागों तक एक ट्रफ बना हुआ है, जिसकी ऊंचाई समुद्र ताल से 9 किलोमीटर तक है।
एक अन्य ट्रफ अरब सागर के मध्य-पूर्वी हिस्सों से दक्षिणी कोंकण तक बना हुआ है। दक्षिणी महाराष्ट्र के तटीय भागों से उत्तरी तटीय केरल के बीच भी तटीय ट्रफ सक्रिय है।