प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत अभियान वैश्विक है और इसका असर भी वैश्विक है। इसके लिए सरकार एक समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी जयपुर में आज उभरता राजस्थान वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्व के निवेशक और विशेषज्ञ भारत को लेकर काफी उत्साहित हैं। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र का पालन करके भारत द्वारा हर क्षेत्र में हासिल किया गया विकास दिख रहा है।
रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए भारत ने जो विकास किया है वह हर क्षेत्र में नजर आता है। बीते 10 वर्षों में भारत ने अपनी इकोनॉमी का साइज करीब-करीब डबल किया है। भारत का एक्सपोर्ट भी डबल हो गया है। बीते दशक में एफडीआई भी दो गुना से अधिक हुआ है। भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च करीब 2 ट्रिलियन रुपए से बढ़कर 11 ट्रिलियन तक पहुंचा दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सफलता लोकतंत्र, जनसांख्यिकी, डिजिटल डेटा और डिलिवरी की शक्ति में प्रदर्शित होती है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र मजबूत है। युवा आबादी और आंकडे देश को विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
यह सदी, टैक्स ड्रिवन डेटा ड्रिवन सदी है। भारत दुनिया को डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डेटा की असली ताकत दिखा रहा है। भारत में दिखाया है कि कैसे डिजिटल टेक्नोलॉजी का डेमोक्रेटाइजेशन हर क्षेत्र, हर वर्ग को फायदा पहुंचा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजस्थान न सिर्फ विकसित हो रहा है बल्कि यह विश्वसनीय भी है।
राजस्थान के पास नेचुरल रिसोर्सेस का भंडार है, आधुनिक कनेक्टिविटी का नेटवर्क है, एक समृद्ध विरासत है, एक बहुत बड़ा लैंडमार्क है और बहुत ही समर्थ युवा शक्ति भी है यानी रोड से लेकर रेलवेज तक, हॉस्पिटैलिटी से हैंडीक्राफ्ट तक, फॉर्म से लेकर फोर्ट तक राजस्थान के पास बहुत कुछ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और घरेलू पर्यटन में भी निरंतर नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम -एमएसएमई क्षेत्र को अपनी नीतियों और फैसलों के साथ एमएसएमई क्षेत्र को लगातार सशक्त बना रही है।
इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में देश और विदेश के पांच हजार निवेशक, उद्योगपति और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि भागीदारी कर रहे हैं।